नाबालिक बेटे के साथ अश्लील डांस का वीडियो बनाकर Social Media पर अपलोड, महिला के खिलाफ FIR दर्ज

नई दिल्लीः दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस को एक नोटिस भेजा है. इसमें सोशल मीडिया पर एक महिला द्वारा नाबालिग बेटे के साथ अश्लील वीडियो बनाकर अपलोड करने को लेकर तुरंत कार्रवाई करने को कहा है. आयोग की तरफ से बताया गया कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए एक महिला ने बेशर्मी की सीमाएं पार कर दी हैं. वायरल हुई कुछ वीडियो में महिला 10-12 वर्ष के बेटे के साथ ही अश्लील डांस एवं एक्टिंग करती नजर आ रही है.

इन आपत्तिजनक वीडियो पर आयोग सख्त है और पुलिस को नोटिस भेजकर, महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा है. आयोग का कहना है कि इस छोटी उम्र में बच्चे को महिलाओं का वस्तुकरण करने की सीख दी जा रही है. वह भी मां के द्वारा ऐसी वीडियो बनाकर बच्चे को गलत शिक्षा दी जा रही हैं. मां-बेटे के पवित्र रिश्ते को भी कलंकित किया जा रहा है.

आयोग का कहना है कि ऐसा बेटा आगे चलकर और लड़कियों के प्रति कैसी सोच रखेगा. ऐसा ही चलता रहा, तो कहीं आगे जाकर, उसमें आपराधिक मानसिकता ना उत्पन्न हो जाए. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है किस प्रकार छोटे बच्चे से अश्लील तरह से एक्टिंग और गानों पर डांस करवाया जा रहा है. वीडियो को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया था, जिसे अब सोशल मीडिया पर उठे बवाल के बाद डिलीट कर दिया गया है. वीडियो बनाने वाली महिला के इंस्टाग्राम पर 1 लाख 60 हज़ार से भी अधिक फॉलोअर हैं.

दिल्ली महिला आयोग ने नोटिस के ज़रिए महिला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए कहा है, तो साथ ही बच्चे की काउंसलिंग और पुनर्वास की भी बात कही है. आयोग का कहना है की बच्चे को सही गलत के बीच अंतर समझाने और अच्छे से काउंसलिंग करने की ज़रूरत है.

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा, सोशल मीडिया जहां एक तरफ कला दिखाने के लिए एक अच्छा प्लेटफॉर्म देता है. वहीं, दूसरी ओर लोकप्रियता पाने के लिए कुछ लोग शर्म की सीमाएं लांघ देते हैं. एक छोटे से 10-12 साल के बच्चों को, जहां अच्छी सीख देने की ज़रूरत होती है. वहां, उसकी खुद की मां उसके साथ ऐसी अश्लील विडियोज़ बना रही है.

दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है कि इस महिला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं, बच्चे की अच्छी काउंसलिंग भी करने की ज़रूरत है. पुलिस से ये भी कहा है कि सोशल मीडिया से ये सारी विडियोज़ को जल्द डिलीट करवाया जाए. हम महिला आयोग ज़रूर हैं, पर इसका मतलब ये नही कि ग़लत महिला को भी सपोर्ट करेंगे.

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *