वाशिंगटनं। आने वाले 48 घंटे कुछ समय के लिए ब्लैक आऊट की स्थिति पैदा कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार पृथ्वी से सोलर स्टॉर्म टकरा सकता है। सूर्य में एक कोरोनल होल होगा जिससे सूरज से भारी मात्रा में ऊर्जा निकलेगी। यदि ये पृथ्वी से टकराता है तो इससे सैटेलाइट आधारित मोबाइल, टीवी और आदि सुविधाएं ठप्प पड़ जाएंगी। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने एक तस्वीर भी जारी की है जिसमें सूर्य से उठने वाले गैस के तूफान को देखा जा सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक तूफान से धरती के सोलर डिस्क के लगभग आधे हिस्से को काटते हुए एक बड़ा सा छेद बनेगा, जिसके कारण सूर्य के वातावरण से पृथ्वी की ओर बेहद गर्म हवा का एक तूफान आएगा। नेशनल ओशन ऐंड अटमॉस्फियर एसोसिएशन का कहना है कि यह सोलर स्टॉर्म जी-1 कैटेगिरी का है।
यानी कि यह तूफान हल्का होगा, लेकिन इससे काफी ज्यादा नुकसान हो सकता है। एसोसिएशन फोरकास्ट का कहना है कि जी-1 श्रेणी का जियोमैग्नेटिक तूफान 48 घंटे में उस वक्त आ सकता है जब सौर हवाएं चलेंगी। चुंबीय तूफान को सौर तूफान कहते है जो सूर्य की सतह पर आए क्षणिक बदलाव से उत्पन्न होते हैं। इन्हें पांच श्रेणी जी-1, जी-2, जी-3, जी-4 और जी-5 में बांटा गया है।
ऐसा माना जाता है कि जी-5 श्रेणी का तूफान पृथ्वी को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। सोलर स्टॉर्म को लेकर स्काईमेट के साइंटिस्ट डॉ. महेश पलावत का कहना है कि जी-1 कैटिगरी में पावर ग्रिड पर सबसे अधिक असर होता है। माइग्रेटरी बर्ड्स पर भी इसका गंभीर असर पड़ सकता है। इस आंधी का व्यापक असर यूएस और यूके में ज्यादा पड़ने की आशंका है।
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