सोशल: ‘चूल्हा जलई ले नाले से पिया, नाला मा बड़ी आग है’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वर्ल्ड बायोफ्यूल डे’ पर नाले की गैस से चाय बनाने का जो किस्सा सुनाया था, वो सोशल मीडिया पर चर्चा में है. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, कांग्रेस और आम लोग भी पीएम मोदी के सुनाए किस्से पर चुटकियां ले रहे हैं.

पीएम मोदी ने 10 अगस्त को कहा था, ”मैंने एक बार अख़बार में पढ़ा था. किसी छोटे से नगर में नाले के पास कोई चाय का ठेला लेकर खड़ा रहता था और चाय बेचता था. कोई चाय बनाने की बात करता है तो मेरा ध्यान उधर ही जाता है. वहीं एक गंदी नाली बहती थी. अब इस आदमी के दिमाग में एक विचार आया. उसने उस नाली में एक छोटे बर्तन को उल्टा किया और छेद करके उसमें पाइप डाल दी. गटर से गैस निकलती थी, उस पाइपलाइन से वो गैस को अपने चाय के ठेले पर ले लिया. वो उसी गैस का इस्तेमाल करके चाय बनाता था. आसान सी तकनीक.”

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पीएम मोदी ने चाय के अलावा टायर ट्यूब में गैस भरने का भी एक किस्सा सुनाया था.

पीएम मोदी ने कहा, ”जब मैं गुजरात में था तो मैंने देखा कि हमारा काफिला जा रहा था. आगे एक स्कूटर पर ट्रैक्टर का ट्यूब लेकर एक आदमी जा रहा था. मैं भी हैरान था कि ऐसे कैसे ले जा रहा है. कोई भी समझदार आदमी यही करेगा कि ट्यूब खाली कर देगा और आगे जाकर हवा भर लेगा. मैंने कहा- रुकिए ज़रा. स्कूटर वाले से मैंने पूछा कि ये क्या कर रहे हो. कहीं गिर जाओगे, चोट लग जाएगी. वो बोला- नहीं, खेत जा रहा हूं. मेरे घर में किचन और पशुओं का जो कूड़ा-कचरा या गोबर निकलता है. मैंने घर पर एक गैस का प्लांट बनाया है. मैं उस गैस को ट्यूब में भरकर खेत ले जाता हूं और फिर इस गैस से पानी का पंप चलाता हूं.”

पीएम मोदी के भाषण के ये दो हिस्से लोग सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं.

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल लिखते हैं, ”इसलिए कहते हैं कि देश का प्रधानमंत्री पढ़ा लिखा होना चाहिए.”

कांग्रेस के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से भी मोदी का मज़ाक उड़ाता एक वीडियो शेयर किया गया है.

कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से लिखा गया, ”योग की खोज और जलवायु परिवर्तन को खारिज करने के बाद पीएम मोदी ने विज्ञान की नई परिभाषा रची है.”

हालांकि कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो कांग्रेस और केजरीवाल के ट्वीट्स का जवाब दे रहे हैं.

इनमें कुछ लोग ऐसी खबरों के स्क्रीनशॉट शेयर कर रहे हैं, जिसमें एक आदमी ने नाली के गैस से घर का चूल्हा जलाए जाने का दावा किया गया है.

@bhaiyyajispeaks ने लिखा, ”प्रतिभा तो प्रतिभा है. अब इसका मज़ाक बना लो या सराहना कर लो. आपके ऊपर है. अगर इस खबर पर आपको यकीन नहीं है तो आलू डालकर सोना निकालने वाली मशीन की खोज में लग जाइए.”

आईपीएस संजीव भट्ट ने ट्विटर पर लिखा, ‘लिक्विड नाला गैस यानी एनएलजी की खोज के लिए कैमेस्ट्री में अगले साल पीएम मोदी नॉमिनेट होंगे. यूनेस्को ने इस बारे में ऐलान किया है.”

ट्विटर पर समाधान पाटिल ने शीला सिंह नाम की महिला को क्रेडिट देते हुए लिखा, ”चूल्हा जलई ले नाले से पिया. नाला मा बड़ी आग है.” (साभार: बीबीसी हिन्दी)

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