राजनीति में यह Lady Don कुछ ऐसा करने जा रही है जानिये !

उत्तर प्रदेश के ओरैया जिले के दिबियापुर की रहने वाली सीमा परिहार ने 13 वर्ष की आयु में ही बन्दूक उठा ली. लालाराम और निर्भय गूजर के गिरोह की सदस्य रह चुकी दस्यु सुंदरी सीमा परिहार पर करीब 70 हत्याओं और 200 लोगों के अपहरण का आरोप था. जिस समय उन्होंने कानपुर पुलिस के सामने 2003 में आत्मसमर्पण किया, उस समय भी उन पर हत्या के 29 मुकदमे चल रहे थे. चम्बल के बीहड़ों में उनके जीवन पर निर्माता आनंद ने फिल्म वुंडेड बनाई. चम्बल के बीहड़ों में शूट हुई इस फिल्म में सीमा ने अपना किरदार खुद किया.।

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राजनीति का अपराध से पुराना संबंध रहा है। देश में ऐसे कई अपराधी हैं, जिन्होंने पहले अपनी दहशत से लोगों को डराया और बाद में राजनीति में आकर उनपर राज किया है। कुछ ऐसा ही करने जा रही है यह लेडी डॉन। जिस पर 60 लोगों की हत्या और 170 से ज्यादा अपहरण के आरोप हैं। लेकिन, अब इसने राजनीति में आने की घोषणा करते हुए 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। लेकिन डकैत होने के बाद भी उनके घर की आर्थिक हालत बेहद गंभीर थी, किंतु सीमा ने राजनीतिक और सामाजिक रूप से महत्वाकांक्षी होने के साथ भविष्य से तमाम उम्मीदें लगायी थीं और उनके इसी हौसले की उड़ान को हवा दिया है सीमा ने ऐलान किया है कि साल 2019 में वो गौतमबुद्ध नगर से लोकसभा की चुनाव लड़ेगी। इसके लिए वो अगले साल प्रचार-प्रसार शुरू कर देंगी। सीमा ने बताया कि अगर उन्हें चुनाव में यदि कोई पार्टी टिकट नहीं देती है, तो वह निर्दलीय चुनाव भी लड़ेगी। सीमा ने गौतमबुद्ध नगर में पूरी टीम तैयार करने का दावा किया है। उन्होंने बताया कि एक पार्टी में शामिल होने का इंतजार किया जा रहा है, अगर पार्टी उन्हें टिकट देने को तैयार होती है, तो वे पार्टी के चिन्ह से चुनाव लड़ेंगी, नहीं तो निर्दलीय ही मैदान में उतरेंगी। हालांकि, इससे पहले सीमा मिर्जापुर जिले के भदोही से भी चुनावु लड़ चुकी हैं। बता दें कि सीमा परिहार टेलीविजन रियलिटी शो बिग बॉस की भी हिस्सा रह चुकी हैं।

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सीमा परिहार का अपहरण साल 1983 में डाकू लालराम ने अपहरण किया था। उस वक्त उनकी उम्र महज 13 साल थी। सीमा ने बताया कि लालाराम के पास रहते हुए उन्होंने पहली बार हथियार उठाया था। इसके बाद 2000 में लालाराम ने निर्भय गुर्जर को उन्हें सौंप दिया था। जिसके बाद सीमा ने निर्भय गुर्जर से शादी कर ली। साल 2005 में निर्मभय गुर्जर की मौत हो गई, जिसके बाद उन्होंने अकले दम में इतना बड़ा साम्राज्य खड़ा किया। अब देखने वाली बात यह होगी साल 2019 में इस लेडी डॉन को कोई पार्टी अपना उम्मीदवार घोषित करती है, या फिर अपने दम पर निर्दलीय चुनाव लड़कर दूसरे पार्टियों के लिए मुसीबत बनती है

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