चीन लोग हर साल 1 करोड़ कुत्ते खा जाते हैं , यहां हर साल आयोजित होता है ‘डॉग मीट फेस्ट’

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चीन में लोग चिकन-मटन नहीं, बल्कि कुत्ते-बिल्ली एक मांस खाना पसंद करते हैं। चीन कई प्रमुख बीमारियों का गढ़ रहा है। कोरोना से पहले इस देश से ही सार्स की शुरुआत हुई थी। वो भी ऐसे ही वेट मार्केट से शुरू हुआ था। इसके अलावा भी चीन से कई और संक्रमित बीमारियां फ़ैल चुकी हैं।चीन ( China ) में चमगादड़, सांप, ऊंट के अलावा 31 तरह के जानवरों का मांस खाया जाता है। कोरोना के कारण दुनियाभर में जमकर किरकिरी होने के बाद अब चीन के मिनिस्ट्री ऑफ़ एग्रीकल्चर ने कुत्तों को खाने वाले जानवरों की लिस्ट से हटाने का फैसला किया है।

दुनियाभर में कोरोना की वजह से भयंकर तबाही मची हुई है। इसलिए कई देश कोरोना वायरस के फैलने की वजह चीन को मान रहे है। विश्व के कुछ देशों का मानना है कि चीन ने कोरोना के रूप में मौत बांटी है क्योंकि ये जानलेवा वायरस वुहान से शुरू हुआ था।

चीन के दावे के मुताबिक वुहान ( Wuhan ) के मीट मार्केट में बिकने वाले जानवर के मांस से ही ये वायरस इंसानों में आया। जबकि इसके इतर कई लोगों का कहना है कि वुहान के लैब में इस वायरस को तैयार कर फैलाया गया। खैर असलियत चाहे जो हो लेकिन चीन हमेशा से ही अजीबोगरीब जानवरों का मांस खाने के लिए पूरी दुनिया में मशहूर रहा है।

 

मिनिस्ट्री ने कहा कि कुत्ते कंपेनियन एनिमल्स ( Animals ) कैटेगरी में शामिल हैं। इस कारण उन्हें खाने वाले जानवरों की लिस्ट से हटाया जा रहा है। लेकिन मिनिस्ट्री के दूसरे स्टाफ का कहना है कि भले ही कुत्तों को लिस्ट से हटा दिया जाए, लेकिन लोग फिर भी इसे खाना बंद नहीं करेंगे।

 

चीन के लोगों को कुत्ते का मांस काफी पसंद है। यही वजह है कि यहां हर साल डॉग मीट फेस्ट भी आयोजित होता है। एक अनुमानित आंकड़े के मुताबिक चीन के युलिन डॉग मीट फेस्ट ( Dog Meat Fest ) में प्रत्येक साल करोड़ों कुत्ते काटकर खा लिए जाते हैं। मिनिस्ट्री ऑफ़ एग्रीकल्चर ने चीन में 18 जानवरों के मांस की बिक्री करने की परमिशन दी है। इसमें सुअर, गाय, भेड़, बकरी, घोड़ा, गधा, ऊंट, खरगोश, चिकन, बत्तख, हंस, टर्की, कबूतर और क्वेल शामिल हैं। चीन में सिका हिरन, रेड डियर, रेनडियर, ऑस्ट्रिच, रेड फॉक्स सहित कई दुर्लभ जानवर भी खाए जाते हैं।

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