सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर एक और मुसीबत आ गयी है। पहले संभल हिंसा मामले में उन पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है, अब कार एक्सीडेंट केस में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। कुछ महीने पहले हुए एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई थी, जिसमें सांसद बर्क पर कार चलाने और हादसे का जिम्मेदार होने का आरोप लगाया गया है।
सड़क हादसा: क्या सांसद बर्क हैं जिम्मेदार?
24 जून को संभल के नखासा थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसा हुआ था जिसमें एक स्कॉर्पियो कार की टक्कर से बाइक सवार गौरव (28 वर्ष) की मौत हो गई थी। मृतक के पिता समरपाल ने इस हादसे के लिए संभल के सांसद जियाउर्रहमान बर्क को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि हादसे के वक्त सांसद बर्क खुद स्कॉर्पियो कार चला रहे थे और उनकी बहन भी गाड़ी में मौजूद थीं।
पुलिस जांच में क्या निकला?
संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने इस शिकायत की पुष्टि करते हुए जांच शुरू करने की बात कही है। जांच एएसपी संभल श्रीश्चंद को सौंप दी गई है। अगर जांच में आरोप साबित हुए तो सांसद बर्क को बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। इससे पहले ही उन पर हिंसा के लिए लोगों को उकसाने का आरोप लग चुका है और इस मामले में भी एफआईआर दर्ज है।
संभल हिंसा का मामला: बर्क पर गंभीर आरोप
संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वे के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई थी, और कई अन्य घायल हुए थे। इस हिंसा के मामले में समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क और स्थानीय सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने इस हिंसा के संबंध में 7 एफआईआर दर्ज की हैं जिनमें सांसद बर्क का नाम भी शामिल है।
क्या सांसद बर्क दोषी हैं?
यह सवाल बेहद अहम है और इसका जवाब जांच के बाद ही मिल पाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है। जनता की नज़र इस मामले में न्याय पर टिकी हुई है।
सियासी असर: क्या होगा आगे?
सांसद बर्क पर लगे इन गंभीर आरोपों के राजनीतिक परिणाम भी हो सकते हैं। यह घटना सपा की छवि को भी प्रभावित कर सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे की राजनीतिक गतिविधियां किस तरह से आगे बढ़ती हैं।
जनता की प्रतिक्रिया
इस घटना से जनता में काफी रोष है और वे न्याय की मांग कर रहे हैं। यह देखना महत्वपूर्ण है कि सरकार और पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या जनता के विश्वास को फिर से स्थापित कर पाते हैं।
निष्कर्ष: न्याय की उम्मीद
दोनों मामलों में, जनता न्याय की उम्मीद लगाए बैठी है। पुलिस की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए ताकि दोषियों को सजा मिल सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके। आने वाले समय में इस मामले में क्या होता है, यह देखना होगा।
Take Away Points:
- सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर संभल हिंसा और सड़क हादसे के मामले में गंभीर आरोप लगे हैं।
- पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है।
- अगर आरोप साबित होते हैं तो सांसद बर्क को बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है।
- यह घटना सपा की राजनीतिक छवि को भी प्रभावित कर सकती है।
- जनता न्याय की मांग कर रही है।

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