मेरठ। शहर में भाजपा नेता व संघ कार्यकर्ता को घर में घुसकर पीटने और घसीटने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मेडिकल पुलिस ने जागृति विहार सेक्टर-7 में कुछ लोगों से गाली-गलौच की थी, जिसका संघ कार्यकर्ता राजेंद्र कुमार ने विरोध किया था। इसके बाद पुलिस ने संघ कार्यकर्ता से घर में घुसकर मारपीट की और उसे घर से करीब आधा किलोमीटर घसीटकर बेइज्जत भी किया। पुलिस की इस मारपीट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
दरअसल, मेडिकल थाना क्षेत्र का जागृति विहार सेक्टर-7 कोरोना हॉटस्पॉट में शामिल है। आरोप है कि गुरुवार को मेडिकल थाने में तैनात दरोगा और दो पुलिसकर्मी लोगों से गाली-गलौच करते हुए निकल रहे थे। इस दौरान यहीं रहने वाले संघ कार्यकर्ता राजेंद्र कुमार ने विरोध करते हुए गाली-गलौच नहीं करने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद दरोगा और पुलिकर्मियों ने उनसे भी गाली-गलौच की। इस पर राजेंद्र कुमार अपने घर में घुस गए, लेकिन पुलिसकर्मियों ने घर में घुसते हुए उनकी जमकर पिटाई की और घर से घसीटकर सड़क पर ले आए। इस दौरान लोग अपने घरों की छतों से ही इस नजारे को देखते रहे।
बता दें कि जब पुलिसकर्मी संघ कार्यकर्ता को पीट और घसीट रहे थे तो किसी ने घटना का वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। 54 सेकंड के इस वीडियो में पुलिसकर्मी सरेआम घर में घुसकर संघ कार्यकर्ता को पीट रहे हैं और सड़क पर घसीटते हुए सरेआम बेइज्जत कर रहे हैं। वहीं राजेंद्र की पत्नी और बेटी विरोध करती नजर आ रही हैं।
पीड़ित राजेंद्र कुमार का कहना है कि मुझे पुलिसकर्मियों ने करीब आधा किलोमीटर घसीटते हुुए बेइज्जत कर गए थे। वह करीब 22 साल से आरएसएस से जुड़े हैं। उनका आरोप है कि दरोगा और पुलिसकर्मी ने धमकी देते हुए कहा है कि इस मामले की शिकायत की तो जेल भेज दिया जाएगा। उन्होंने इस मामले की जानकारी भाजपा महानगर अध्यक्ष, दक्षिण विधायक और सांसद को भी दी है।
इस संबंध में एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि जागृति विहार में पुलिस द्वारा संघ कार्यकर्ता से मारपीट मामले की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। यदि पुलिसकर्मियों ने मारपीट की है तो मामले की जांच कराई जाएगी। उन्हें वायरल वीडियो भी अभी तक नहीं मिली है।
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