पूर्व मिस इंडिया शिवांकिता दीक्षित के साथ हुआ 99,000 रुपये का साइबर फ्रॉड!

पूर्व Femina Miss India शिवांकिता दीक्षित के साथ 99,000 रुपये का साइबर फ्रॉड!

क्या आप जानते हैं कि एक पूर्व मिस इंडिया भी साइबर अपराधियों का शिकार बन सकती हैं? जी हाँ, हाल ही में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहाँ पूर्व Femina Miss India शिवांकिता दीक्षित 99,000 रुपये के साइबर फ्रॉड का शिकार हुईं। इस घटना ने साइबर अपराध की बढ़ती चुनौती और सतर्क रहने की अत्यधिक आवश्यकता को उजागर किया है। आइये इस दिलचस्प घटना के बारे में विस्तार से जानते हैं।

साइबर अपराधियों का शिकार हुईं शिवांकिता दीक्षित

शिवांकिता दीक्षित, जो 2017 में Femina Miss India West Bengal रह चुकी हैं, ने हाल ही में एक साइबर फ्रॉड का सामना किया। एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को CBI अधिकारी बताकर उनसे संपर्क किया और धोखाधड़ी के जरिये 99,000 रुपये ऐंठ लिए। इस घटना में, ठग ने शिवांकिता को लगभग दो घंटे तक वीडियो कॉल पर डिजिटल रूप से गिरफ्तार रखा और उन्हें मनी लांड्रिंग और बच्चों के अपहरण के झूठे आरोपों से डराया-धमकाया।

घटना का क्रम

घटना के अनुसार, शिवांकिता को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को CBI अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि शिवांकिता के आधार कार्ड से जुड़े सिम कार्ड का इस्तेमाल दिल्ली में एक बैंक खाता खोलने के लिए किया गया था, जिसमें मनी लांड्रिंग और बच्चों के अपहरण की रकम आई है। डर और भय का माहौल बनाकर, ठग ने शिवांकिता को वीडियो कॉल पर बात करने के लिए मना लिया।

वीडियो कॉल पर धोखाधड़ी

वीडियो कॉल के दौरान, एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में दिखाई दिया, जिसकी वर्दी पर तीन स्टार लगे थे और बैकग्राउंड में ‘साइबर पुलिस दिल्ली’ लिखा था। शिवांकिता से लगातार चार अधिकारियों से बात कराई गई, जिसमें एक महिला अधिकारी भी शामिल थी। उन सभी ने शिवांकिता को जल्द से जल्द मामला सुलझाने के लिए पैसे देने की धमकी दी।

दो घंटे की वीडियो कॉल और 99,000 रुपये की चोरी

लगभग दो घंटे तक चली वीडियो कॉल के दौरान, शिवांकिता ने ठग के कहने पर दो बार में 99,000 रुपये उसके बताए गए बैंक खाते में भेज दिए। जब शिवांकिता ने कहा कि उसकी भुगतान सीमा पूरी हो गई है, तो ठग ने दूसरे खाते से पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा। इस दौरान, शिवांकिता के पिता कमरे के बाहर दरवाजा खटखटा रहे थे, लेकिन वह इतनी डरी हुई थी कि दरवाजा नहीं खोला।

घटना का खुलासा

जब शिवांकिता के पिता ने आखिरकार दरवाजा खोला, तो उन्हें पता चला कि उनकी बेटी साइबर फ्रॉड का शिकार हो गई है। उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिवांकिता ने 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करके और ईमेल के जरिये साइबर क्राइम सेल में भी शिकायत दर्ज कराई।

साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय

यह घटना हमें याद दिलाती है कि साइबर अपराध कितने खतरनाक हो सकते हैं और हमेशा सतर्क रहना कितना ज़रूरी है। कुछ आसान सावधानियां बरतकर, हम खुद को इस तरह के साइबर फ्रॉड से बचा सकते हैं:

कुछ जरुरी सुझाव

  • अज्ञात नंबरों पर सावधानी बरतें और किसी भी अजीब कॉल पर बिना जाँच किए विश्वास न करें।
  • कभी भी अपनी पर्सनल और बैंक संबंधी जानकारी किसी को न दें।
  • संदिग्ध लिंक या ईमेल पर क्लिक न करें।
  • अपने फोन और कंप्यूटर पर सुरक्षा सॉफ़्टवेयर स्थापित रखें और नियमित रूप से अपडेट करते रहें।
  • साइबर सुरक्षा के बारे में नियमित रूप से शिक्षित होते रहें और अपने परिवार और दोस्तों को भी जागरूक करें।

Take Away Points

शिवांकिता दीक्षित की घटना ने हमें साइबर फ्रॉड के प्रति सतर्क रहने की अत्यधिक आवश्यकता को दिखाया है। सतर्कता ही साइबर अपराधियों से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है। अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करना अति आवश्यक है। याद रखें कि कोई भी व्यक्ति आपके बैंक खाते या व्यक्तिगत जानकारी की मांग करे तो हमेशा सावधान रहें।

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