यूपी में मस्जिद सर्वे हिंसा: योगी का कड़ा रुख, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई!
उत्तर प्रदेश में संभल की शाही जामा मस्जिद में हुए सर्वे के दौरान भड़की हिंसा ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। इस घटना में कई लोगों की जान गई और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई दोषियों से ही कराई जाएगी।
संभल हिंसा: योगी सरकार का एक्शन मोड
संभल हिंसा की घटना ने प्रदेश सरकार को चौंका दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की गंभीरता को समझते हुए पुलिस और प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करें। योगी सरकार ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
सख्त कार्रवाई का आदेश
मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा है कि जो लोग सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं, उनसे नुकसान की भरपाई की जाएगी। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से कहा कि वे हर संभव प्रयास करें ताकि एक भी दोषी बच न सके।
अराजकता पर रोक
सीएम योगी ने कहा है कि अराजकता फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे किसी भी समुदाय से ताल्लुक रखते हों। उन्होंने कहा कि अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन पर कड़ी से कड़ी पाबंदी लगाई जाएगी।
लाउडस्पीकर और महाकुंभ पर भी योगी सरकार का फोकस
इसके अलावा, योगी आदित्यनाथ ने धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी पाबंदी लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि तय मानकों से अधिक आवाज में लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए और निर्धारित समय के बाद लाउडस्पीकर बंद कर दिए जाने चाहिए। साथ ही उन्होंने आने वाले महाकुंभ को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे महाकुंभ को सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त बनाए और श्रद्धालुओं को ट्रैक्टर ट्रॉली से प्रयागराज न आने के लिए प्रेरित करें।
ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ध्वनि प्रदूषण से बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को बहुत परेशानी होती है, इसलिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल में सावधानी बरती जानी चाहिए।
महाकुंभ की तैयारियाँ
उन्होंने महाकुंभ की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे महाकुंभ को शांतिपूर्ण और सफल बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करें।
समाजवादी नेता भी जांच के दायरे में
इस हिंसा मामले में समाजवादी पार्टी के संभल से सांसद जिया उर रहमान बर्क और संभल के विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल का नाम भी शामिल है। पुलिस ने ढाई हज़ार से अधिक लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया है। इससे ज़ाहिर है कि सरकार किसी भी तरह की राजनीतिक दखलअंदाज़ी बर्दाश्त नहीं करेगी।
टेक अवे पॉइंट्स
- संभल हिंसा के दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
- सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई दोषियों से कराई जाएगी
- लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक
- महाकुंभ को लेकर तैयारियाँ पूरी जोरों पर
- राजनीतिक दखलअंदाज़ी बर्दाश्त नहीं
यह घटना एक गंभीर चुनौती है, लेकिन योगी सरकार की सख्त कार्रवाई से उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।

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