अयोध्या में रामलला की दिवाली: भव्य मंदिर और 28 लाख दीये की रोशनी
इस साल की दिवाली अयोध्या में ऐतिहासिक रही! 500 साल के इंतज़ार के बाद, भगवान श्री रामलला अपने धाम में विराजमान हुए और पहली बार उनके लिए दिवाली का त्योहार मनाया गया। इस पवित्र अवसर पर, रामलला को पीले रंग के रेशमी वस्त्र और आभूषणों से सजाया गया, और विशेष रूप से तैयार की गई मिठाई का भोग लगाया गया। इतना ही नहीं, सरयू नदी के तट पर 28 लाख दीये जलाकर एक नया रिकॉर्ड भी बनाया गया। आइए, इस भव्य आयोजन के बारे में विस्तार से जानते हैं।
रामलला का विशेष श्रृंगार और भोग
रामलला की पहली दिवाली को यादगार बनाने के लिए, उन्हें पीले रंग के रेशमी वस्त्र पहनाए गए, जिन पर सोने और चांदी के तारों से वैष्णव प्रतीक सजाए गए थे। यह पीला रंग शुभता और पवित्रता का प्रतीक है। इसके अलावा, उन्हें विशेष रूप से तैयार की गई मिठाई का भोग लगाया गया, जिसमें अमेरिका के ब्लूबेरी, यूरोप के हेज़लनट, मामरा बादाम और केसर का इस्तेमाल किया गया था। यह मिठाई सोने के वर्क से सजी हुई थी और इसे बनाने में 12 घंटे का समय लगा था। यह भोग श्रीराम मंदिर की रसोई में ही बनाया गया था। इसके अलावा रामलला को अन्य कई प्रकार के व्यंजनों का भी भोग लगाया गया।
28 लाख दीयों की रोशनी ने अयोध्या को किया जगमगाया
राम मंदिर के उद्घाटन के बाद यह पहला दीपोत्सव था। इस मौके पर यूपी सरकार ने सरयू नदी के तट पर 28 लाख दीये जलाकर एक नया रिकॉर्ड बनाया। यह दृश्य अद्भुत और अविस्मरणीय था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन को सनातन धर्म परंपरा का एक महत्वपूर्ण त्योहार बताया और लोगों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस दिवाली को ऐतिहासिक बताया क्योंकि 500 साल के लंबे इंतजार के बाद भगवान श्री रामलला अपने धाम में विराजमान हुए हैं।
भक्तों की आस्था और उत्साह
इस दिवाली पर अयोध्या में लाखों भक्तों की उपस्थिति देखने को मिली। हर कोई रामलला के दर्शन करने और इस पवित्र त्योहार का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक था। पूरे शहर में उत्साह और आस्था का माहौल देखते ही बनता था। भक्तों ने दीयों से अपने घरों को सजाया और प्रभु श्री राम की आरती की।
रामलला का भव्य मंदिर
रामलला का भव्य मंदिर भारतीय वास्तुकला का एक बेहतरीन उदाहरण है। इस मंदिर का निर्माण कई सालों की कड़ी मेहनत और समर्पण के बाद पूरा हुआ है। यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और विरासत का भी प्रतीक है।
Take Away Points
- अयोध्या में रामलला की पहली दिवाली ऐतिहासिक रही।
- रामलला को विशेष श्रृंगार और भोग लगाया गया।
- सरयू नदी के तट पर 28 लाख दीये जलाकर एक नया रिकॉर्ड बनाया गया।
- यह त्योहार भक्तों की आस्था और उत्साह का प्रतीक है।
- रामलला का भव्य मंदिर भारतीय संस्कृति और विरासत का प्रतीक है।

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