लखीमपुर खीरी में किसानों का अनोखा जुगाड़: भालू बनकर बंदरों से बचा रहे फसल
क्या आपने कभी सोचा है कि किसान भालू बनकर खेतों में काम करते नजर आएं? जी हाँ, ये सच है! उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसानों ने बंदरों के आतंक से निपटने के लिए एक अनोखा तरीका ईजाद किया है। बंदरों द्वारा फसलों को तबाह करने से परेशान होकर, किसान अब भालू के भेष में खेतों की रखवाली कर रहे हैं। आइए, जानते हैं इस अनोखे तरीके के बारे में विस्तार से।
बढ़ता बंदरों का आतंक
धौरहरा थाना क्षेत्र के कई गांवों में बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए हर संभव उपाय आजमा रहे हैं। गेहूं, मिर्च, केले, सरसों जैसी कई फसलें बंदरों के निशाने पर हैं। किसानों के अनुसार, बंदरों के झुंड देखते ही देखते पूरी फसल चट कर जाते हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
भालू का भेष धारण कर रहे किसान
बंदरों के आतंक से निपटने के लिए किसानों ने एक अनोखा तरीका अपनाया है। वे भालू का भेष धारण कर खेतों में घूम रहे हैं। एक भालू की ड्रेस पहनकर, वे खेतों में गश्त करते हैं जिससे बंदर डरकर भाग जाते हैं और फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा पाते हैं। यह तरीका कितना कारगर है, ये तो समय ही बताएगा, लेकिन किसानों की इस अनोखी कोशिश से यह साफ जाहिर होता है कि वो अपनी फसलों को बचाने के लिए कितने हद तक जाने को तैयार हैं।
प्रशासन से मदद की गुहार
किसानों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन से शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वे सरकार से बंदरों के आतंक से निपटने के लिए कोई स्थायी समाधान चाह रहे हैं। किसानों की मुश्किलें कम करने और उनकी फसलों को बचाने के लिए सरकार को कोई प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
क्या है आगे का रास्ता?
यह समस्या सिर्फ लखीमपुर खीरी तक ही सीमित नहीं है। कई अन्य इलाकों में भी बंदरों का आतंक बढ़ रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए एक व्यापक रणनीति की जरूरत है। सरकार को इस समस्या पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और किसानों को मदद प्रदान करनी चाहिए। यह समस्या किसानों के जीवन और आजीविका से जुड़ी हुई है, इसीलिए इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता है।
Take Away Points:
- लखीमपुर खीरी के किसान बंदरों के आतंक से परेशान हैं।
- फसलों को बचाने के लिए किसान भालू बनकर खेतों में काम कर रहे हैं।
- किसानों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
- बंदरों के आतंक से निपटने के लिए एक व्यापक रणनीति की आवश्यकता है।

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