लखनऊ। राजधानी लखनऊ में पुलिस पर पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की गई थी। पुलिस इसकी जांच में जुटी है और छह लोगों को हिरासत में लिया है, जो पश्चिम बंगाल के मालदा के निवासी हैं।
खुलासा हुआ है कि गिरफ्तारी के बाद जब इनसे परिचय पत्र मांगा गया तो इन्होंने काबूूल किया कि ये पश्चिम बंगाल के मालदा के निवासी हैं और महज हिंसा फैलाने के लिए उन्हें लाया गया था।
इन युवकों की शिनाख्त असलम, शाह आलम, सागर अली, संजू अली, खैरुल और सहेदुल के तौर पर हुई है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अमन-चैन में शुक्रवार को हिंसक प्रदर्शनों द्वारा खलल डालने वालों की गिरफ्तारी में हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं।
जांच में पता चला है कि पश्चिम बंगाल से मुस्लिम युवकों को गाड़ियों में भरकर लखनऊ लाया गया था। लखनऊ पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस से ऐसे लोगों की लिस्ट मांगी है, जो संभावित हिंसा में लिप्त हो सकते हैं। यूपी खुफिया पुलिस की टीम भी पश्चिम बंगाल में रची गई साजिश को उजागर करने की जांच में लगी हुई है।
ये सभी मुस्लिम युवक मालदा के हरिशचंद्रपुर और आसपास के निवासी हैं। लखनऊ पुलिस ने इनकी रिपोर्ट पश्चिम बंगाल पुलिस को भेजी है। यहां भी पुलिस जांच में लग गई है। सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ के परिवर्तन चैक पर हुए विरोध प्रदर्शन में लगभग 200 से अधिक बाहरी लोग आए थे, जिसमें पश्चिम बंगाल बल्कि अलीगढ़ और दिल्ली से भी लोगों को लाया गया था। बाहरी महिलाएं भी प्रदर्शन में शामिल थीं, जिन्होंने भीड़ को हिंसा के लिए उकसाया था।
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