कानपुर। सीबीआई ने भ्रष्टाचार के आरोप में शनिवार को सेंट्रल जीएसटी कमिश्नर संसारचंद सहित 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. इनमें से चार बिचैलिए और तीन सुपरीटेंडेंट के साथ संसारचंद की पत्नी एवं उनके निजी सचिव भी हैं. जीएसटी लागू होने के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ देश में यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है. सेंट्रल एक्साइज और सर्विस टैक्स विभाग के कमिश्नर संसारचंद छह महीने पहले से जांच एजेंसियों के निशाने पर थे. शुक्रवार सुबह संसारचंद लखनऊ के लिए निकले, वहां से उन्हें दिल्ली जाना था लेकिन दिल्ली जाने से पहले ही फैजाबाद में सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. सीबीआई की दूसरी टीम सुबह से ही कानपुर में डटी है.।
बिचैलियों के जरिये होती धन उगाही
फैजाबाद से संसारचंद की गिरफ्तारी की सूचना के बाद शाम चार बजे सीबीआई अधिकारियों ने सर्वोदय नगर स्थित सेंट्रल जीएसटी मुख्यालय (पूर्व सेंट्रल एक्साइज, कस्टम व सर्विस टैक्स मुख्यालय) में छापा मार दिया. तीन सुपरीटेंडेंट अमन शाह, अजय श्रीवास्तव, राजीव सिंह चंदेल और संसारचंद की पत्नी अविनाश कौर एवं उनके निजी सचिव सौरभ पांडेय सहित चार बिचैलियों को गिरफ्तार कर लिया. बिचैलियों में उद्यमी मनीष शर्मा (निदेशक शिशु सोप), अमित अवस्थी, अमन जैन, चंद्रप्रकाश उर्फ मोनू भी शामिल हैं. बिचैलियों पर घूस का पैसा अफसरों तक पहुंचाने का आरोप है. गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) से जुड़ा अभी तक का यह अलग मामला है, जिसमें उच्च अधिकारी की गिरफ्तारी भी की गई।
बड़ी कंपनियों से लेते हवाला के जरिये रिश्वत
जीएसटी अधिकारियों ने विभागीय कार्रवाई को रोकने के लिए कंपनियों से रिश्वत ली थी। रिश्वत का पैसा हवाला के जरिए व्यवस्थित रूप से मासिक या त्रैमासिक किश्त की तरह अधिकारियों को दिया गया था। 1986 बैच के एक आईआरएस अधिकारी संसार चंद वर्तमान में जीएसटी के आयुक्त हैं।
अवैध रूप से उगाही करने वाले संगठित गिरोह
आरोप है वह केन्द्रीय उत्पाद शुल्क, कानपुर में अपने अधिकार क्षेत्र से संबंधित मामलों में अवैध रूप से उगाही करने वाले एक व्यवस्थित और संगठित गिरोह का नेतृत्व कर रहे थे।। सीबीआइ ने अपनी रिपोर्ट में कानपुर में इंद्रधनुष अपार्टमेंट सर्वोदय नगर में अधीक्षक अजय श्रीवास्तव, इसी अपार्टमेंट वासी अधीक्षक अमन शाह, सर्वोदय नगर स्थित शिवा अपार्टमेंट में निवासी अधीक्षक राजीव सिंह चंदेल, स्वरूप निवासी अमित अवस्थी, दिल्ली में सी-58, असिमा अपार्टमेंट, सेक्टर 9, रोहिणी निवासी अमन जैन, दिल्ली में सी 25 फस्र्ट फ्लोर शिवाजी पार्क, पंजाबी बाग निवासी चंद्र प्रकाश के साथ ही दिल्ली की डिफेंस कालोनी में डी-235 निवासी संसार चंद्र की पत्नी अविनाश कौर को भी आरोपी बनाया है।
रिश्वत जीएसटी कमिश्नर के आवास पर दी जाती थी
आरोप में यह भी कहा गया है कि तमाम कंपनियों की तरफ से बड़े-बड़े इलेक्ट्रानिक व अन्य सामान दिल्ली स्थित संसार चंद्र के आवास पर दिए जाते थे। रिपोर्ट में अधीक्षकों पर संसार चंद्र के साथ मिलकर वसूली करने का भी आरोप लगाया गया है। इसमें फिलहाल एक डिटरजेंट कंपनी का नाम भी आया है, जिससे फरवरी से अप्रैल 2018 की त्रैमासिक के लिए 1.5 लाख रुपये लिए जाने के लिए दबाव डाला जा रहा था। कंपनी का निदेशक खराब आर्थिक स्थिति की वजह से यह धन नहीं दे पा रहे थे जिसकी वजह से उन पर लगातार दबाव डाला जा रहा है। इसके साथ ही इस्पात कंपनी, पान मसाला की बड़ी कंपनियों से भी संसार चंद्र के दिल्ली स्थित आवास पर लगातार सामान भेजे जाने की रिपोर्ट सीबीआइ ने की है।
रिश्वत की कमाई नीचे से ऊपर तक दी जाती थी
सूत्रों के मुताबिक संसारचंद की छवि घूसखोर अधिकारियों के रूप में है. अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उन्होंने एक सिंडीकेट बना लिया था, जिसके जरिए घूस की काली कमाई का फ्लो नीचे से ऊपर तक होता था. इतनी ही नहीं उन्होंने दिल्ली मुख्यालय तक अपनी मजबूत लॉबी खड़ी कर ली थी. एफआईआर के मुताबिक संसार चंद अपने सुपरिटेंडेंट अजय श्रीवास्तव, अमान शाह और आरएस चंदेल से समय समय पर कई लोगों से आने वाले अवैध धन के बारे में अपडेट लिया करते थे। जांच एजेंसी ने तीन कंपनियों शिशु सॉप एंड केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, सर पान मसाला और मैसर्स रिमझिम इस्पात लिमिटेड की पहचान की है, जिनसे जीएसटी अधिकारियों ने विभाग से जुड़े मामलों में अवैध वसूली की। सीबीआई ने इस संबंध में भारतीय दंड संहिता की धारा 120(बी) और पीसी अधिनियम की धारा 7,11,12 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। सीबीआई की टीमों ने कानपुर में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की है।
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