BHU के प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप, छात्र-छात्राएं आंदोलन पर, प्रशासन ने लगाया हॉस्टल पर ताला

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वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में शनिवार को शुरु हुआ छात्र-छात्राओं का धरना प्रदर्शन जारी है। बीएचयू में रात भर चला छात्र छात्राओं का धरना एक बार फिर सुबह से ही शुरू हो चुका है।

बीएचयू के छात्र-छात्राएं यौन उत्पीड़न के एक कथित मामले में एक प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई न होने के विरोध में विश्वविद्यालय के लंका गेट पर धरना दे रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान रात भर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। हालांकि सिंहद्वार के दोनों तरफ के छोटे गेट से वाहनों की आवाजाही जारी रही। चार पहिया व एम्बुलेंस भी इसी गेट से पास कराए गए।

प्रशासन डैमेज कंट्रोल के लिए बीएचयू में गर्ल्स हॉस्टल के साइंस की छात्राओं के हॉस्टल्स में विवि प्रशासन ने ताला लगा रखा है । किसी भी छात्रा को बाहर आने की इजाजत नहीं दी जा रही है।

विश्वविद्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक किसी को बहुत जरुरी होने पर इस लिखित शर्त के साथ बाहर आने दिया जा रहा है कि ष्वो विरोध प्रदर्शन में भाग नहीं लेंगी और प्रदर्शन स्थल जे आस-पास रुकेंगी नहीं, अपना निर्दिष्ट काम खत्म करके सीधे हॉस्टल वापस आ जाएंगी।

दूसरी ओर सुरक्षा कारणों से ट्रक, बस व ट्रैक्टर को सीरगेट से परिसर में जाने की छूट दे दी गई है। विश्वविद्यालय के सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार जब तक मेन गेट पर छात्रों का धरना चलेगा सीरगेट सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन के लिए खुला रहेगा जिससे मरीजों व आम लोगों को अस्पताल व विवि परिसर में जाने में कोई परेशानी न हो।

रात भर शांतिपूर्ण ढंग से जारी प्रदर्शन के बीच सुबह होते ही सिंहद्वार पर छात्र दोबारा सक्रिय हो गए और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिए। ढपली बजा कर छात्रों ने प्रोफेसर को बर्खास्त करने की मांग की और इस मामले में वीसी से जल्द कार्रवाई की गुहार लगाई।

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BHU के प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप

रात भर प्रदर्शन के बाद सुबह छात्राएं गेट से छात्रावास की ओर चली गईं मगर छात्रों ने इस दौरान गेट पर पोस्टर बैनर लगाकर आंदोलन को और मुखर किया। वहीं दूसरी ओर सुरक्षा कारणों से सुरक्षा कर्मियों को भी विवि प्रशासन की ओर से सिंह द्वार पर केंद्रित कर दिया गया है।

पूरा मामला यह है
अक्तूबर 2018 में जूलॉजी विभाग की छात्राओं को शैक्षणिक टूर पर पुणे ले जाया गया था। छात्राओं का कहना है कि शैक्षणिक टूर का उद्देश्य नंद कानन जूलॉजिकल पार्क में जंतुओं के बारे में अध्ययन कराना था, लेकिन प्रो. चैबे छात्राओं को कोणार्क सूर्य मंदिर ले गए और वहां की प्रतिमाएं दिखाकर अश्लील कमेंट किए।

टूर से आने के बाद छात्राओं ने प्रोफेसर चैबे पर अश्लील कमेंट का आरोप लगाते हुए शिकायत विश्वविद्यालय प्रशासन से थी। छात्राओं की शिकायत के बाद प्रोफेसर को तुरंत निलंबित कर जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्यकारिणी परिषद ने भी उन पर मेजर पेनाल्टी लगाई है।

उनकी सजा माफ नहीं हुई है। उन्हें सभी प्रकार के अधिकारों से डिबार कर दिया गया है। छात्राओं को कार्रवाई के बारे में समझना चाहिए। यदि वह आवेदन करना भी चाहेंगे तो वह स्वीकार नहीं होगा। उन पर लगाई गई पेनाल्टी उनके सर्विस रिकार्ड में भी डाल दी गई है।
-प्रो. राकेश भटनागर, कुलपति

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