बरेली लेखपाल हत्याकांड: 18 दिन बाद मिला कंकाल, क्या जमीन विवाद था असली वजह?

बरेली लेखपाल हत्याकांड: 18 दिन बाद मिला कंकाल, जमीन विवाद का खुलासा?

क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के बरेली में 18 दिनों से लापता लेखपाल का कंकाल एक नाले में कैसे मिला? इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है! इस लेख में हम आपको इस पूरी घटना के बारे में विस्तार से बताएंगे, जिसमें पुलिस की जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी, और उस जमीन विवाद का खुलासा शामिल है जिसने एक बेक़सूर लेखपाल की जान ले ली।

लेखपाल की गुत्थी: 18 दिन बाद मिला कंकाल

27 नवंबर को जमीन की पैमाइश के लिए गए लेखपाल मनीष चंद्र कश्यप का 18 दिनों बाद कंकाल नाले से बरामद हुआ। उनके कपड़े भी नाले के पास मिले, जिससे उनके परिवार वालों ने शव की पहचान की। पुलिस ने मौके पर पाया कि खोपड़ी और हड्डियां इधर-उधर बिखरी हुई थीं, जो इस बात का संकेत है कि हत्या के बाद शव को वहां फेंका गया होगा। इस भयानक घटना से परिवार में कोहराम मच गया है।

जमीन विवाद में हुई हत्या?

परिवार के लोग आरोप लगा रहे हैं कि 250 बीघा जमीन को लेकर चल रहे विवाद में मनीष की हत्या की गई है। उनका दावा है कि मनीष उस जमीन की जांच कर रहे थे और अपनी रिपोर्ट सरकार को भेजने वाले थे। क्या यह करोड़ों रुपये की जमीन के लिए एक साज़िश थी?

पुलिस की जांच और गिरफ्तारियां

इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि दो अभी भी फरार हैं। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि मनीष के साथ उनका उठना-बैठना था और घटना के दिन कहासुनी के बाद उन्होंने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि उनका उद्देश्य अपहरण करके फिरौती मांगना था। क्या पुलिस सही कह रही है, या जमीन विवाद ही हत्या का असली कारण है?

पुलिस के दावों पर सवाल

पुलिस का यह दावा कि आरोपियों का उद्देश्य अपहरण और फिरौती मांगना था, परिवार के लोगों के आरोपों से मेल नहीं खाता। परिवार का मानना है कि यह हत्या 250 बीघा जमीन के विवाद का नतीजा है और गांव के कुछ प्रभावशाली लोग इस हत्या में शामिल हैं, क्या पुलिस सही तरीके से इस मामले की जांच कर रही है?

क्या प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे हैं सवाल?

परिवार के आरोपों से पता चलता है कि उन्होंने कई बार पुलिस और विभागीय अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। क्या इस घटना से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल नहीं उठते? क्या ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई की कमी से लोगों को न्याय नहीं मिल पाता?

जांच और कार्रवाई की मांग

जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मामले की जांच कराने का भरोसा दिलाया है। लेकिन क्या इस एक भरोसे से ही परिवार को न्याय मिल पाएगा? इस घटना से यह सवाल भी उठता है कि क्या लेखपाल जैसे कर्मचारी, जो अपने कर्तव्य का पालन करते हुए कई बार ऐसे विवादों का सामना करते हैं, अपनी सुरक्षा को लेकर कितने सुरक्षित हैं?

Take Away Points

  • बरेली में 18 दिन बाद मिले लेखपाल के कंकाल ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
  • जमीन विवाद को हत्या का मुख्य कारण बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस फिलहाल फिरौती की बात कह रही है।
  • इस घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, क्या समय पर कार्रवाई हो पाती तो यह घटना टाली जा सकती थी?
  • इस मामले में चार आरोपी थे, दो गिरफ्तार हुए हैं और दो अभी फरार हैं।
  • इस घटना से लेखपाल जैसे सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।

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