बाबा काल भैरव मंदिर: केक काटने पर रोक और नए नियम

बाबा काल भैरव मंदिर में केक काटने पर रोक: विवादों में घिरा काशी का प्रसिद्ध मंदिर

क्या आप जानते हैं काशी के प्रसिद्ध बाबा काल भैरव मंदिर में अब केक नहीं काटा जा सकता? जी हाँ, हाल ही में मंदिर में हुई एक घटना के बाद यह फैसला लिया गया है। इस फैसले के पीछे की कहानी जानकर आप भी हैरान रह जायेंगे! आइये जानते हैं इस पूरे मामले के बारे में विस्तार से।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

हाल ही में एक महिला मॉडल ने बाबा काल भैरव मंदिर के गर्भगृह में केक काटकर उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस वीडियो के वायरल होने के बाद मंदिर के पुजारियों पर पश्चिमी संस्कृति को बढ़ावा देने और सनातन परंपरा को ठेस पहुँचाने का आरोप लगा। यह घटना मंदिर प्रबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई। वीडियो में दिखाई दे रही महिला का जन्मदिन भी था, और उसने मंदिर में केक काटकर उसे बाबा काल भैरव को अर्पित करने का प्रयास किया था।

विवाद और आलोचनाएँ

सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद कई लोगों ने इस घटना की आलोचना की और इसे सनातन धर्म की परंपराओं के खिलाफ बताया। कुछ लोगों का मानना था कि मंदिर में इस तरह के कृत्य करना अशोभनीय है। मंदिर प्रशासन पर आरोप लगे कि पैसे लेकर दर्शन कराया गया था और मंदिर के नियमों का उल्लंघन किया गया।

मंदिर प्रबंधन का फैसला: केक पर रोक

इस विवाद के बाद, बाबा काल भैरव मंदिर के महंत परिवार और प्रबंधन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया। उन्होंने मंदिर में केक काटने पर पूरी तरह से रोक लगा दी। इतना ही नहीं, अब मंदिर के गर्भगृह में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी प्रतिबंधित कर दी गई है। इस फैसले का काशी विद्वत परिषद ने स्वागत किया है।

बदले हुए नियम

अब मंदिर में विशेष उत्सवों पर केक की जगह लड्डू और प्रसाद का भोग लगाया जाएगा। यह फैसला मंदिर की पवित्रता और परंपराओं को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। साथ ही, विशेष दर्शन के लिए ली जाने वाली दक्षिणा को लेकर भी सफाई दी गई कि इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री की लागत को ध्यान में रखा जाता है।

आगे की रणनीति और निगरानी

मंदिर प्रबंधन का कहना है कि गर्भगृह में आने वाले भक्तों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएँ दोहराई न जा सकें। यह कदम मंदिर की पवित्रता और परंपराओं की रक्षा के लिए उठाया गया है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे मंदिर के नियमों का पालन करें और धार्मिक स्थलों का सम्मान करें।

फोटोग्राफी पर प्रतिबंध

पूरे मंदिर परिसर में फोटोग्राफी पर रोक लगाए जाने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि धार्मिक अनुष्ठानों में किसी प्रकार का व्यवधान न हो।

विद्वत परिषद का समर्थन

काशी विद्वत परिषद ने मंदिर प्रबंधन के फैसले का समर्थन करते हुए कहा है कि मंदिर में केक काटना अक्षम्य है और इस पर रोक लगाने का फैसला सराहनीय है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे मंदिरों के नियमों का पालन करें।

Take Away Points

  • बाबा काल भैरव मंदिर में अब केक काटना प्रतिबंधित है।
  • गर्भगृह में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर भी रोक लग गई है।
  • मंदिर प्रबंधन का यह फैसला काशी विद्वत परिषद ने सराहा है।
  • इस घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।

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