हिन्दू और बौद्ध धर्म में कोई अंतर नहीं है – भंते

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पडरौना,कुशीनगर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा के विचारों से प्रभावित भारतीय बौद्ध संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भंते संघप्रिय राहुल ने कहा कि हिन्दू और बौद्ध धर्म में कोई अंतर नहीं है। कुछ लोग दोनों धर्मों में दूरियां बढ़ा रहे हैं, जो समाज व देशहित में नहीं है। वे मंगलवार को कुशीनगर विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी के आवास पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि संघ और भाजपा दलितों की दुश्मन नहीं है। संघ पिछले पंक्ति के लोगों को आगे ले जाने का निरंतर प्रयास कर रहा है। डॉ आंबेडकर ने भी अपने कार्य व व्यवहार में देश को प्रथम स्थान पर, जाति को दूसरे स्थान पर रखा। संघ और भाजपा द्वारा किये जा रहे प्रयासों से वह दिन दूर नहीं जब भारत जाति व्यवस्था से मुक्त हो जायेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद में तीन तलाक बिल लाकर महिलाओं का सम्मान बढ़ाया है। वे सपा नेता आजम खान के बयान पर खूब बरसे। बोले एक विवेकवान व्यक्ति कभी इस तरह के उल-जुलूल बयान नहीं दे सकता।
कहा कि कभी सोने की चिड़िया कहा जाने वाला भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पुनः सोने की चिड़िया बनने की ओर अग्रसर है। अध्यक्ष ने कहा कि जो लोग मिशनरियों के कारण इसाई या मुस्लिम हो गये हैं, उन्हें पुनः अपने मूल धर्म में लाने का उनका प्रयास चल रहा है। एक प्रश्न के जवाब में कहा कि गुजरात में अब तक धर्म परिवर्तन कर चुके 350 लोगों की घर वापसी कराई गई है।

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