ब्यूरो चीफ:सैय्यद मकसूदुल हसन
रिपोर्ट:तक़ी मेंहदी
सुल्तानपुर।।सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती अजमेरी का उर्स खानकाहे चिश्तिया बंधुआ कला में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।जिसकी सरपरस्ती धर्म गुरु सैय्यद मेराज अशरफ अशरफी सज्जादा नशीन आस्ताने औलिया जायस ने मुल्क मैं अमन और शांति के लिए दुआ मांगी।
हजरत अल्लामा मौलाना मंजूर अहमद किब्ला अजीजी ने खानकाहे और ख्वाजा की जीवनी बयान की और मौलाना मोहम्मद अहमद वारसी पिर्सिंपल जामिया अरबिया ने खेताब फरमाया की सूफी संतों के यहां मोहब्बत और एख्लाक आम किया उनके यहां न तो जात देखी जाती है ना ही धर्म देखा जाता है बल्कि वहां सभी लोगों को एक नजर से देखा जाता है।
उर्स मे मनकब्ती मुकाबला हुआ जिसमें 16 अंजुमनों ने हिस्सा लिया।प्रथम पुरस्कार अंजुमन गुलामाने मुस्तफा जौनपुर,द्वतीय पुरस्कार अंजुमन गुलामाने मुस्तफा रायबरेली व तृतीय पुरस्कार अंजुमन ताजुल औलिया प्रतापपुर सुल्तानपुर को सैय्यद मेराज अशरफ किब्ला ने सभी अंजुमनों को पुरस्कृत किया।शेष सभी अंजुमनों को ऐजाजी ईनाम से नवाजा गया।सैय्यद मेराज अशरफ ने मुल्क मे अमनो शान्ति के लिए दुआएँ की।कार्यक्रम के आयोजक मौलाना इब्राहिम साहब खालिफा कलीमुल औलिया वा मेराजे मिल्लत ने तमामी अंजुमनों और आये हुए मेहमानों का स्वागत किया।
सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के मिशन पर चलने के लिए कहा।प्रोग्राम का संचालन तबस्सुम चिश्ती ने किया।इस मौके पर मौलाना अमानुल्लाह, मौलाना ईस्तियाक, आलम मौलाना, उस्मान मिस्बाही, मौलाना अहमद उल्लाह मुफती, अहमद रजा, हाफिज रिजवान उल्लाह , गुलाम दस्तगीर, तनवीर आलम अशरफी, शफीक जौनपुरी, मुन्ना फतेहपुरी, दिलकश मदनी , अब्दुल हमीद, शहरे आलम ,मोहम्मद अहमद मोहम्मद हम्जा अनीश फारूकी, जुनेद राईन, सद्दाम प्रतापगढी, कामिल अमेठवी, मौलाना मोहम्मद हुसैन, कादरी शादाब फतेहपुरी, जुनेद अशरफी, खुर्शीद अहमद फारूकी आदि ने शिरकत की।
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