हम कर्म जो भी करे परंतु कार्य ईश्वर का आदेश मान कर करे: आचार्य कैलाश नाथ

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रिपोर्टर- सैय्यद मकसुदुल हसन

मुसाफिरखाना-अमेठी । हम कर्म चाहे जो कुछ भी करें परन्तु भगवान का कार्य मान कर उसे करें। सबरी प्रसंग का उदाहरण देते हुए ईश्वर प्राप्ति के लिए स्वच्छता, भाव, भक्ति,निर्मलता, सेवा आदि सोपानों का बड़े ही रोचक ढंग से प्रज्ञा पुराण कथा वाचक श्री कैलाश नाथ तिवारी जी ने सुनाया।

नवधा भक्ति गायत्री मंत्र में समाहित है। विदित रहे कि इन दिनों कस्बा मुसाफिरखाना में सगरा सब्जीमण्डी पर दि.10 से 16 नवम्बर तक श्री मद पावन प्रज्ञा पुराण कथा एवं 24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन गायत्री परिवार द्वारा किया गया है।

व्यस्थापक श्री विजय बहादुर सिंह ने बताया कि प्रातः 8 बजे से यज्ञ और सायं 7 बजे से रात्रि 10बजे तक प्रज्ञा पुराण कथा का आयोजन नित्य होता है, जिसमे सैकड़ों की संख्या में भक्त उपस्थित होते हैं। इस अवसर पर पूर्व चेयरमैन डॉ. कैलाश बिहारी, अवकाश प्राप्त कैप्टन धीरेंद्र सिंह ,सुनील श्रीवास्तव, विनोद खत्री, कल्लू टण्डन, नकुल टण्डन, डा.संतलाल, प्रशांत श्रीवास्तव, शिवशंकर अग्रहरि, आदि प्रमुख रहे।

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