हमारी नस्ले दींन और दीनी तालीम से बहुत दूर हो गयी है इल्म की कोई हद नही होती: आदम मुस्तफा।

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रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

सुल्तानपुर ।। जिले के बनकेपुर गांव में पश्चिमी संस्कृति की चकाचौंध और दुनियाबी फायदे के खातिर मुसलमानो के दीनी तालीम से दूर होते जा रहे हैं दीनी तालीम मौजूदा वक्त की अहम जरूरत है अगर दीनी तालीम न होती तो मुसलमानो के बच्चों के ईमान की तहफ़्फ़ुज़ (सुरक्षा) दुश्वार हो जाएगा।जो बच्चे दीनी तालीम से वंचित और इंग्लिश मीडियम से शिक्षा प्राप्त कर रहे है उनके हालात को सुनकर बहुत दुख होता है कि अपने ईमान से दूर हो जा रहे है ।इसलिये
जमियत उलमा-ए-हिन्द की ओर पूरे मुल्क में दीनी तालीम बेदारी (जागरूकता)मुहिम 23 मार्च से 2 अप्रैल तक चला रहा है। जमियत इस मुहिम को घर -घर,गांव -गांव पहुचाने की कोशिश कर रही है।

दो रोटी कम खाओ लेकिन अपने बच्चों को तालीम जरूर दो। पश्चिमी कल्चर को अपनी तरक्की समझना अंधेरा ही अंधेरा है पश्चिमी कल्चर के पीछे मत भागो जो पश्चिम में रह रहे है उस कल्चर से ऊब चुके है वहाँ से निकलना चाहते है मगरिब का दीवाना न बनो अपनो को और दूसरों को बचाओ,मस्जिद मदरसे दीन सिखाएगी स्कूल गणित,हिंदी,अंग्रेजी सिखाएगी इल्म की कोई सीमा नही होती जिस ओर जाना चाहे मेहनत लगन से हासिल कर सकते है।समाजिक ,सियासी,व्यवहारिक प्रत्येक दिशा में जागरूक करने की आवश्यकता है ।इंग्लिश पढ़ने के लिए योग्यतम शिक्षक और स्कूलों में एडमिशन लेते है 2000 रुपये महीने में खर्च कर देते है दीन सीखने के लिए 200 रुपये माह में देने के लिए सांप सूंघ लेता है कुरआन और दीन की कीमत से ही बच्चों की निगाह में दीन की हैसियत गिरा रहा है अपने सीनों में दीन की अजमत पैदा करो तब बच्चों को को दीन की अजमत का रास्ता मिलेगा।अपने घरों में दीन का माहौल बनाओ नमाज,कुरआन,शरीयत,लिबास,पर्दा,उम्मत को बेदार करने की जरूरत है दूसरी उम्मते आपसे मोहब्बत करेगी।दीनी तालीम बोर्ड जमियत उलमा-ए-हिन्द के प्रदेश महा सचिव मौलाना जामिलुर्रह्मान कासमी ने फरमाया की आज पूरी दुनिया की नक्शे में मुसलमानो की जो सूरतेहाल दिखाई पड़ रही जहाँ देखो जिस देश मे देखो इस्रायल,फलीस्तीन,सीरिया,इंडिया,न्यजीलैंड,अपनी इज्जत और रुसवाई महफूज नही है चिड़िया ,जानवर,काले -गोरे सब महफूज है सिवाय मुस्लमानो के ।मुसलमानो को अपने इज्जत और रुसवाई से बचना है तो दो चीजे जरूर अपनाए पहला कुरआन से रिश्ता जोड़े दूसरा आपसी इख्तिलाफ खत्म करने की कोशिश करें।ईमान की हिफाजत चाहते हो तो हर मर्द और औरत अपने बच्चों को कुरआन सिखाएं।सिर्फ गरीब लोगों के बच्चे मदरसों में दीन सीखने जाते है अमीरों को अपना स्टैण्डर्ड बनाने के लिये इंग्लिश मीडियम भेजते है दीन बुनियादी तालीम है जिससे गुमराह नही होगें।
अध्यक्षता कर रहे मौलाना उस्मान ने लोगो से अपील की 1 अप्रैल से नए शिक्षा सत्र की शुरुआत हो रही है दीन और दुनियावी दोनो शिक्षा के लिए अपने बच्चों का नामांकन कराये जिससे दुनिया और आख़िरत में कामयाबी मिले यह कार्यक्रम पूरे प्रदेश में चल रहा है दीनी और दुनियाबी तालीम के लिए सकड़ो मदरसे संचालित है ।
कार्यक्रम का संचालन मौलाना ज़ियाउल हक ने किया ।इस मौके पर निज़ाम खान शिक्षक नेता,मौलाना मुराद कासमी,मौलाना सिराज हाशमी,सगीर खान,हाफिज मोहम्मद अरशद,मुफ़्ती जमीर अहमद,आबिद खान,मोहम्मद हस्सान,मुफ़्ती तौफीक,मुहम्मद मुज्तबा ,अहमद अली,डॉ अनीश अहमद,अबरार अहमद,अयूब अंसारी,तौहीद अहमद आदि हजारो लोग उपस्थिति रहे।* हमारी नस्ले दींन और दीनी तालीम से बहुत दूर हो गयी है इल्म की कोई हद नही होती: आदम मुस्तफा*

सुल्तानपुर ।। जिले के बनकेपुर गांव में पश्चिमी संस्कृति की चकाचौंध और दुनियाबी फायदे के खातिर मुसलमानो के दीनी तालीम से दूर होते जा रहे हैं दीनी तालीम मौजूदा वक्त की अहम जरूरत है अगर दीनी तालीम न होती तो मुसलमानो के बच्चों के ईमान की तहफ़्फ़ुज़ (सुरक्षा) दुश्वार हो जाएगा।जो बच्चे दीनी तालीम से वंचित और इंग्लिश मीडियम से शिक्षा प्राप्त कर रहे है उनके हालात को सुनकर बहुत दुख होता है कि अपने ईमान से दूर हो जा रहे है ।इसलिये
जमियत उलमा-ए-हिन्द की ओर पूरे मुल्क में दीनी तालीम बेदारी (जागरूकता)मुहिम 23 मार्च से 2 अप्रैल तक चला रहा है। जमियत इस मुहिम को घर -घर,गांव -गांव पहुचाने की कोशिश कर रही है।
रविवार की रात को दीनी तालीम बेदारी मुहिम का आयोजन बनकेपुर गॉंव में दीनी तालीम बोर्ड जिलाध्यक्ष सुल्तानपुर के अध्यक्ष मौलाना उस्मान कासमी की अध्यक्षता में संम्पन्न हुई कार्यक्रम की शुरुआत कुरान करीम की तिलावत से और नात पाक से हुई।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो मौलाना सैय्यद आदम मुस्तफा रहे।।

आदम मुस्तफा ने अपने खेताब में लोगो से फरमाया की हमारी नस्ले दींन और दीनी तालीम से बहुत दूर हो गयी है इल्म की कोई हद नही होती हमारे बच्चों और अभिभावकों में के दिल दिमाग मे की सलाहियत ये घर कर गयी है कि इस्लामी शक्ल सूरत दुनिया की तरक्की में रुकावट है ये सोच बेहद गलत है ।नौजवानों से यह अपील है इल्म की ऊंचाइयों को हासिल करो मदरसा और मस्जिदों में इल्म सीख कर अलीम,हाफिज,कारी, मुफ़्ती बनो तो स्कूलों में इल्म हासिल कर शिक्षक ,डाक्टर, इंजीनियर, वकील समाजिक कार्यकता बनो दोनो इल्म एक दूसरे के पूरक है। प्रत्येक वह इल्म जो अल्लाह और रसूल को मिलाये इल्मे दीन है जो इल्म अल्लाह और रसूल को छोड़ने पर मजबूर कर वह दीन इल्मे दुनिया है।इल्म हासिल करना हर औरत मर्द पर फर्ज है दो रोटी कम खाओ लेकिन अपने बच्चों को तालीम जरूर दो। पश्चिमी कल्चर को अपनी तरक्की समझना अंधेरा ही अंधेरा है पश्चिमी कल्चर के पीछे मत भागो जो पश्चिम में रह रहे है उस कल्चर से ऊब चुके है वहाँ से निकलना चाहते है मगरिब का दीवाना न बनो अपनो को और दूसरों को बचाओ,मस्जिद मदरसे दीन सिखाएगी स्कूल गणित,हिंदी,अंग्रेजी सिखाएगी इल्म की कोई सीमा नही होती जिस ओर जाना चाहे मेहनत लगन से हासिल कर सकते है।समाजिक ,सियासी,व्यवहारिक प्रत्येक दिशा में जागरूक करने की आवश्यकता है ।इंग्लिश पढ़ने के लिए योग्यतम शिक्षक और स्कूलों में एडमिशन लेते है 2000 रुपये महीने में खर्च कर देते है दीन सीखने के लिए 200 रुपये माह में देने के लिए सांप सूंघ लेता है कुरआन और दीन की कीमत से ही बच्चों की निगाह में दीन की हैसियत गिरा रहा है अपने सीनों में दीन की अजमत पैदा करो तब बच्चों को को दीन की अजमत का रास्ता मिलेगा।अपने घरों में दीन का माहौल बनाओ नमाज,कुरआन,शरीयत,लिबास,पर्दा,उम्मत को बेदार करने की जरूरत है दूसरी उम्मते आपसे मोहब्बत करेगी।दीनी तालीम बोर्ड जमियत उलमा-ए-हिन्द के प्रदेश महा सचिव मौलाना जामिलुर्रह्मान कासमी ने फरमाया की आज पूरी दुनिया की नक्शे में मुसलमानो की जो सूरतेहाल दिखाई पड़ रही जहाँ देखो जिस देश मे देखो इस्रायल,फलीस्तीन,सीरिया,इंडिया,न्यजीलैंड,अपनी इज्जत और रुसवाई महफूज नही है चिड़िया ,जानवर,काले -गोरे सब महफूज है सिवाय मुस्लमानो के ।मुसलमानो को अपने इज्जत और रुसवाई से बचना है तो दो चीजे जरूर अपनाए पहला कुरआन से रिश्ता जोड़े दूसरा आपसी इख्तिलाफ खत्म करने की कोशिश करें।ईमान की हिफाजत चाहते हो तो हर मर्द और औरत अपने बच्चों को कुरआन सिखाएं।सिर्फ गरीब लोगों के बच्चे मदरसों में दीन सीखने जाते है अमीरों को अपना स्टैण्डर्ड बनाने के लिये इंग्लिश मीडियम भेजते है दीन बुनियादी तालीम है जिससे गुमराह नही होगें।
अध्यक्षता कर रहे मौलाना उस्मान ने लोगो से अपील की 1 अप्रैल से नए शिक्षा सत्र की शुरुआत हो रही है दीन और दुनियावी दोनो शिक्षा के लिए अपने बच्चों का नामांकन कराये जिससे दुनिया और आख़िरत में कामयाबी मिले यह कार्यक्रम पूरे प्रदेश में चल रहा है दीनी और दुनियाबी तालीम के लिए सकड़ो मदरसे संचालित है ।
कार्यक्रम का संचालन मौलाना ज़ियाउल हक ने किया ।इस मौके पर निज़ाम खान शिक्षक नेता,मौलाना मुराद कासमी,मौलाना सिराज हाशमी,सगीर खान,हाफिज मोहम्मद अरशद,मुफ़्ती जमीर अहमद,आबिद खान,मोहम्मद हस्सान,मुफ़्ती तौफीक,मुहम्मद मुज्तबा ,अहमद अली,डॉ अनीश अहमद,अबरार अहमद,अयूब अंसारी,तौहीद अहमद आदि हजारो लोग उपस्थिति रहे।

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