स्वास्थ्य केन्द्र में महिला डॉक्टर न होने से दर-दर भटकना पड़ता हैं इलाज के लिए महिलाओ को

ब्यूरो चीफ:सैय्यद मकसूदुलहसन

मुसाफिरखाना!(अमेठी) सी एच सी अस्पताल मुसाफिरखाना में दो महिला डॉक्टरो की नियुक्ति होने के बाद भी एक भी महिला डॉक्टर मौजूद नही है जिससे नर्से डॉक्टर बन बैठी है।जानकारी के मुताबिक मुसाफिरखाना तहसील मुख्यालय पर एक बड़ा सी एच सी एक अस्पताल बना है जो महिलाओं के इलाज के नाम पर दिखावा साबित हो रहा है प्रदेश की योगी सरकार महिलाओं स्वस्थ एवं सुरक्षा की बात करती है परन्तु ये कोरा बक़वास साबित हो रहा है

महिलाओं के इलाज के अस्पताल में एक भी महिला डॉक्टर मौजूद नही है महिला डॉक्टर के नाम पर नर्से डॉक्टर बनकर उल्टा-सीधा इलाज करती है साप शासन काल मे इसी अस्पताल में दो-दो महिला डॉक्टर की तैनाती थी और महिलाओं का इलाज हुआ करता था भाजपा सरकार आते ही महिला डॉक्टर गायब हो गई ज़्यादातर बड़े घरों की महिलाए इलाज के लिए सुल्तानपुर, लखनऊ चली जाती हैं परंतु गरीब असहाय महिलाओं के पास रुपये न होने के चलते नर्सो के हत्थे चढ़कर उल्टा-सीधा इलाज करने के लिए मजबूर हो जाती है कहने को तो प्रदेश शासन में इसी तहसील के जगदीशपुर विधान सभा क्षेत्र से सुरेश पासी आवास विकास मंत्री बनाए गए है परंतु मंत्री जी का महिलाओं के स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में मंत्री जी का कोई ध्यान नहीं गया गरीब महिलाओं का इलाज भगवान भरोसे पर है क्षेत्रीय लोगो ने समाज वादी पार्टी नेता महिला साहिला शाहिद ,भरतीय जनता पार्टी के नेता कृष्णकुमार तिवारी(पिंकू), कांग्रेस नेता तसलीम खान ठाकुर ,पूर्व जिला पंचायत सदस्य मो.आलम खां, सपा नेता रामउदित यादव ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री से तत्काल महिला डॉक्टर की नियुक्ति की मांग की है जिससे गरीब महिलाओं को इलाज के लिए दर-दर भटकना न पड़े ।

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