[object Promise]
लखनऊ:
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के तेवर सख्त हो गए हैं और उन्होंने योगी सरकार की तुलना में मायावती सरकार को अच्छा बताया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने कहा कि मायावती सरकार के दौरान मुख्यमंत्री की अधिकारियों पर पूरी पकड़ थी और अधिकारी उनकी हर बात सुनते थे जबकि इस समय चल रही सरकार की बात अधिकारी नहीं सुनते हैं। मौर्य गत वर्ष उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से कुछ समय पहले बसपा छोड़कर भाजपा के साथ जुड़े थे।
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के तेवर सख्त हो गए हैं और उन्होंने योगी सरकार की तुलना में मायावती सरकार को अच्छा बताया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने कहा कि मायावती सरकार के दौरान मुख्यमंत्री की अधिकारियों पर पूरी पकड़ थी और अधिकारी उनकी हर बात सुनते थे जबकि इस समय चल रही सरकार की बात अधिकारी नहीं सुनते हैं। मौर्य गत वर्ष उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से कुछ समय पहले बसपा छोड़कर भाजपा के साथ जुड़े थे।
माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार में होने वाले संभावित फेरबदल के दौरान मौर्य का या तो विभाग बदला जा सकता है या फिर उनको आबंटित विभागों में कमी की जा सकती है।
इसी बात को लेकर मौर्य परेशान हैं और इस सप्ताह के शुरू में उन्होंने नई दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कर अपनी बात रखी थी। वहीं भाजपा सूत्रों की मानें तो यह मौर्य की दबाव बनाने की पुरानी रणनीति है जिसका वह इस्तेमाल कर रहे हैं।
मौर्य चाहते हैं कि मंत्रिमंडल में उनका कद नहीं कम किया जाए और साथ ही लोकसभा चुनावों के दौरान उनकी पसंद से कम से कम 2 उम्मीदवारों को टिकट दिया जाए। यह 2 उम्मीदवार संभवत: उनके परिवार के ही लोग हैं।
Leave a Reply