सौभाग्य योजना के तहत हो रहे विधुतीकरण में बड़ा खेल

[object Promise]
बिना स्टोन पैड के ही खड़ा हो रहे पोल

पांच फीट के जगह मात्र छः इंच ही हो रहा कंक्रीट

कनेक्शन के नाम पर भी हो रही वसूली

जांच एजेंसियां खेल रही मैनेज का खेल

उपेन्द्र कुशवाहा

कुशीनगर। कुशीनगर जनपद में भारत सरकार की सौभाग्य योजना में लूट मची हुई है, इस योजना को अमली जामा पहनाने में लगी जंक्सन कम्पनी जांच एजेंसियों को प्रभाव में लेकर मानक की धज्जियां उड़ा रही है। पोल खड़ा करने में ही कम्पनी ने कई लाखों का हेराफेरी कर चुकी है, जिससे अब तक हुए कार्यो के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह खड़ा हो रहा है।

भारत सरकार आम आदमी के घर को रोशन करने के लिए सौभाग्य योजना के तहत अच्छा पहल किया है। इसके तहत नई लाइन बनाने, विधुत पोल, ट्रांसफार्मर के साथ ही निशुल्क कनेक्शन लगाया जा रहा है। इस काम में लगी जंक्शन कम्पनी के कर्मचारी जहाँ कनेक्शन के नाम पर गरीब उपभोक्ताओं से पचास रुपये से लेकर दो सौ रुपये तक कि वसूली कर रहे है, वही बिजली का पोल खड़ा करने में बड़ा खेल हो रहा है।
ऊर्जा मंत्रालय, सक्षम एजेंसी, विधुत विभाग एवं कुशीनगर जनपद में काम कर रही कम्पनी जंक्शन कम्पनी के बीच जो एग्रीमेंट हुआ है उसके तहत प्रत्येक बिजली पोल को खड़ा करने के पहले पोल के नीचे स्टोन पैड डालना है, ताकि भविष्य में पोल नीचे न धसे, लेकिन स्टोन पैड किसी भी पोल के नीचे नही डाला जा रहा। दूसरा यह कि हर पोल को पांच फीट नीचे तक गाड़ना है, इस दौरान पहले पोल का गड्डा होगा फिर पोल को उसमे खड़ाकर उसी समय पांच फीट कंक्रीट ( गिट्टी, लाल बालू एवं समेन्ट ) से कंक्रीट करना है।

लेकिन कम्पनी पोल को मिट्टी के सहारे खड़ाकर जमीन के नीचे चार से पांच इंच और जमीन के ऊपर दो से तीन इंच ही कंक्रीट कर रही है। जिससे भविष्य में पोल के अपने जगह बने रहने पर संदेह है, तो वही कम्पनी अधूरा कंक्रीट कर लूट मचाई हुई है। सब मिलकर भारत सरकार द्वारा आम आदमी के घर को रोशन करने की एक सफल प्रयास किया है, लेकिन इसके जिम्मेदार ही उसे निपटाने में लग गए है।

उधर भारत सरकार ने कार्यदायी संस्था जंक्सन कम्पनी से अच्छे से काम कराने के लिए विधुत विभाग के अलावे अलग से दो एजेंसियों का गठन कर उसे जाँच करते रहने का जिम्मा सौंपा है। लेकिन जंक्सन कम्पनी के मैनेज के खेल में उसके अधिकारी और कर्मचारी भी गोता लगा रहे है। आम लोगों का कहना है कि सरकार बहुत अच्छा काम कर ही है, लेकिन जिम्मेदार लूट खसोट मचाये हुए है, हम लोगों का शिकायत कोई सुनता नही, शिकायत करने पर वे लोग हमें ही समझाने लगते है। अगर यही स्थिति रही तो लूटने के चक्कर मे अधिकारी सरकार को बदनाम करके रख देंगे।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *