समाज सेविका मेधा पाटकर ने कहा- फांसी की सजा देना उचित नहीं निर्भया कांड के दोषियों को

[object Promise]

अलीगढ़। नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रर्वतक मेधा पाटकर ने दुष्कर्मियों को फांसी की सजा दिए जाने को गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर को तो फांसी की सजा नहीं हुई, लेकिन निर्भया केस के चारों दोषियों को फांसी की सजा दी जा रही है, जो उचित नहीं है। फांसी की सजा नहीं होनी चाहिए।

समाज सेविका मेधा पाटकर रविवार को अलीगढ़ में थीं। यहां उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के जेएन मेडिकल कॉलेज में आयोजित परिचर्चा में कहा कि संविधान पर हाथ रखकर शपथ लेने वाले संसद में मुठ्ठी भर हैं। वे जनता की जनसंख्या की तुलना में कम हैं। आज उनके ऊपर जिम्मेदारी डालकर नहीं चलेगा। भविष्य के युवा यहां सच्चे चौकीदार बनकर खड़े हैं। झूठे चौकीदारों को औकात दिखाने के लिए अपनी ऊर्जा दिखा रहे हैं।

मेधा पाटकर ने कहा ये दो कौम जिंदा है। हम किसका हिस्सा हैं ये समझकर हमें चुप नहीं बैठना चाहिए। हस्ताक्षर अभियान करना चाहिए। जब जेएनयू के अध्यापक आंदोलन में शामिल हो रहे हैं तो मुझे विश्वास है यहां के अध्यापक भी कुलपति तक हमारी दर्द भरी आवाज पहुंचाएंगे। मुस्लिम समाज की नारियां बाहर आकर बैठीं हैं तो आपकी जीत और निश्चित हो गई है। अब हम खुलकर सब सामने आएं। विनम्र रहें, अहिंसक रहें, सत्याग्रही रहें। विविधता में एकता मानकर आगे बढ़ते रहें। 25 जनवरी की मध्य रात को मशाल जुलूस निकालें। कार्यक्रम को इतिहास कार प्रो. इरफान हबीब ने भी संबोधित किया।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *