संयुक्त राष्ट्र संघ के संकल्पों पर उप्र विधानसभा के सत्र में होगी चर्चा : हृदय नारायण

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लखनऊ। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर दो अक्टूबर को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने जा रही है। इस सत्र में संयुक्त राष्ट्र संघ में लिए गए संकल्पों पर लगातार 36 घंटे चर्चा होगी। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने मंगलवार को यहां पत्रकारों से कहा, “संयुक्त राष्ट्र संघ ने 2015 में सतत विकास के 17 लक्ष्य तय किए थे। भारत सरकार ने भी इस पर हस्ताक्षर किया था। करीब दो साल पहले पटना में देश भर के विधानसभा अध्यक्षों की बैठक हुई थी। उस समय भी इन 17 लक्ष्यों पर सहमति बनी थी।”

उन्होंने कहा, “प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में संयुक्त राष्ट्र संघ के सतत विकास के 17 लक्ष्यों पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र आहूत किया गया है। इस संबंध में करीब 15 दिन पहले विपक्ष दलों के समस्त नेताओं ने अपनी सहमति भी दर्ज कराई थी। मुझे पूरा विश्वास है कि सभी दलों के लोग इसमें उत्साहपूर्वक भाग लेंगे।”

दीक्षित ने कहा कि राजनीति में विचार अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन सतत विकास के मुद्दे पर सभी को एक साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, “इस विशेष सत्र को लेकर देश ही नहीं बल्कि बाहर के देशों में भी चर्चा है। सभी लोग इसके प्रति जिज्ञासु हैं। अभी मैं विदेश दौरे पर था तो वहां तमाम राजनेताओं और अधिकारियों ने इस विशेष सत्र के संबंध में मुझसे जानकारी ली और इस आयोजन के प्रति अपनी जिज्ञासा व्यक्त की।”

विधानसभा अध्यक्ष ने बताया, “इस विशेष सत्र में चर्चा के मुख्य विषय गरीबी उन्मूलन, भुखमरी समाप्त करना, सभी के लिए स्वस्थ्य जीवन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लैंगिक समानता, सुरक्षित जल एवं स्वच्छता का सतत प्रबंधन, किफायती ऊर्जा, आर्थिक विकास, उद्यमिता, असमानता कम करना, समावेशी व सुरक्षित शहर, सतत उपभोग एवं उत्पादन, जलवायु परिवर्तन, भूमि पर जीवन, शांतिपूर्ण एवं समावेशी संस्थाओं का निर्माण एवं लक्ष्यों के लिए भागीदारी होंगे। संयुक्त राष्ट्र संघ का 17वां लक्ष्य समुद्र से जुड़ा है और यह विषय उत्तर प्रदेश के लिए उपयुक्त नहीं है, ऐसे में चर्चा के दौरान विधायकों की सहमति से लोक कल्याण से सम्बंधित किसी अन्य विषय को लिया जा सकता है।”

सत्ता पक्ष के विधायकों में इस विशेष सत्र को लेकर खासा उत्साह है। सभी विधायकों को चर्चा के विषय भी दे दिए गए हैं। संबंधित विषय के तहत वे अपने क्षेत्र के मुद्दे भी चर्चा के दौरान उठा सकेंगे।

ज्ञात हो कि उप्र सरकार इस कार्यक्रम के माध्यम से एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगी, क्योंकि लगातार 36 घंटे का विशेष सत्र किसी राज्य की विधानसभा में पहली बार आयोजित हो रहा है। सत्र सुचारु रूप से चले, इसके लिए विधानसभा प्रशासन और सरकार ने तैयारी पूरी की है।

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