आगरा । आगरा के चर्चित हत्याकांड में छात्रा संजलि को जिंदा जलाए जाने की घटना का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। संजलि लालऊ गांव की थी। वो गांव के मजरे नौमील स्थित एसी इंटर कॉलेज में दसवीं की छात्रा थी। 18 दिसंबर की दोपहर छुट्टी के बाद घर लौट रही थी। घर से 500 मीटर पहले बाइक सवार युवकों ने उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी।
उसने 19 की रात को दिल्ली के सफदरजंग में दम तोड़ दिया था। 20 की सुबह उसके तहेरे भाई योगेश ने लालऊ में घर में ही जहर खा लिया था। उसकी अस्पताल में थोड़ी देर बाद ही मौत हो गई थी। एसएसपी अमित पाठक ने मंगलवार को प्रेसवार्ता कर बताया कि योगेश ने ही इस वारदात को अंजाम दिया था। इसमें उसने सिकंदरा के रहने वाले अपने ममेरे भाई विजय और शास्त्रीपुरम के आकाश की मदद ली थी।
पुलिस की छानबीन के दौरान पुलिस के हाथ योगेश का मोबाइल फोन लगा। इसमें आखिरी बार संजलि ने योगेश को मैसेज किया। उसने लिखा कि क्या तुमने ही पापा पर हमला किया था। बता दें कि 23 नवंबर को संजलि के पिता हरेंद्र पर हमला हुआ था। इसके बाद से संजलि ने योगेश से बात करना बंद कर दी। वो संजलि को मॉडल बनाना चाहता था।
इसके लिए एक लाख से ज्यादा रुपया खर्च कर चुका था, लेकिन संजलि ने योगेश की बातें मानने से इंकार कर दिया था। इससे योगेश बेहद खफा था।
योगेश ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। उसने सिकंदरा के रहने वाले अपने ममेरे भाई विजय और शास्त्रीपुरम के आकाश की मदद ली। इन दोनों ने पूछताछ में बताया कि विजय बाइक चला रहा था। योगेश पीछे बैठा था। पुलिस के अनुसार संजलि पर पेट्रोल योगेश ने डाला था। उसने ही लाइटर से आग लगाई थी। उसने 19 दिसंबर की रात को दिल्ली के सफदरजंग में दम तोड़ दिया था। 20 दिसंबर की सुबह उसके तहेरे भाई योगेश ने लालऊ में घर में ही जहर खा लिया था। उसकी अस्पताल में थोड़ी देर बाद ही मौत हो गई थी।
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