लखनऊ। मुख्यमंत्री सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने जिले में धर्म गुरुओं से संपर्क व संवाद स्थापित करके धार्मिक स्थलों पर इकठ्ठा न होने के लिए आमजन को जागरूक कराएं। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ न इकठ्ठा हो।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना वायरस (कोविड-19) के प्रसार की रोकथाम के लिए जनता से सामाजिक रूप से दूरी बनाए रखने (सोशल डिस्टेंसिंग) की अपील की है। नवरात्रि के अनुष्ठान घर पर ही किए जाएं। भीड़भाड़ के स्थानों पर जाने से परहेज करें। धर्मगुरु लोगों को कोराना वायरस संक्रमण के बारे में जागरूक करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना फ्लू को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने लगभग डेढ़ महीने पहले ही उपाय शुरू कर दिए थे। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। इस बीमारी से निपटने के लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकार ने सभी जरूरी कदम उठाए हैं।
जनता के सहयोग से इस पर काबू पाया जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि कहीं भी भीड़ न इकठ्ठा हो। धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ न इकट्ठी हो, इसके लिए उन्होंने धर्म गुरुओं से आगे आकर कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की है। विभिन्न धर्म गुरुओं के किए जा रहे प्रयासों का उन्होंने स्वागत किया है।
उन्होंने कहा कि चैत्र नवरात्रि पहले, दूसरे, अष्टमी व नवमी पर लोग विशेष रूप से मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए जाते हैं। इस दौरान अनेक स्थानों पर मेले भी आयोजित होते हैं। उन्होंने आमजन से अनुरोध किया है कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लोग अपने घर में ही रहकर धार्मिक अनुष्ठान करें। इससे इस संक्रामक बीमारी के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी।
उन्होंने एसडीआरएफ को निर्देशित किया है कि वह शहरों में इस बीमारी की रोकथाम में जनता को सहयोग दें। प्रत्येक नगर निगम में नियमित रूप से फॉगिंग कराई जाए। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में वाहनों में माइक लगाकर कोरोना वायरस से बचाव का प्रचार-प्रसार करते हुए लोगों को जागरूक किया जाए।
Leave a Reply