शून्य लागत पर प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण शिविर का आयोजन

20 से 25 दिसम्बर तक चलेगा प्रशिक्षण शिविर

लखनऊ। राजधानी में नवल किशोर मार्ग स्थित लोक भारती के कार्यालय में मंगलवार को मशहूर कृषि विशेषज्ञ पद्मश्री सुभाष पालेकर ने शून्य लागत पर प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण शिविर की जानकारी दी। ये शिविर डॉ भीमराव अम्बेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय में 20 से 25 दिसम्बर तक चलेगा।
20 को सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस शिविर का उद्घाटन करेंगे और 1500 किसानों को सुभाष पालेकर प्रशिक्षित करेंगे। उद्घाटन समारोह में सीएम योगी के साथ मंत्री सूर्य प्रताप शाही, रीता बहुगुणा जोशी, आशुतोष टंडन, ब्रजेश पाठक तथा स्वाती सिंह मौजूद रहेंगे।
शिविर में प्रतिदिन होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए श्री पालेकर ने बताया कि रासायनिक खेती से लगातार भूमि को नुकसान पहुंच रहा है और पैदावार भी घट रही है। बढ़ती जरूरतों तथा भूमि की सुरक्षा के लिए आज प्राकृतिक खेती की आवश्यकता महत्वपूर्ण हो गई है। शून्य लागत पर कृषि करने की बात करते हुए पालेकर ने बताया कि महाराष्ट्र में यह प्रयोग सफल रहा है और भूमि सुधार के साथ साथ दुगने के आसपास उत्पादन हो रहा है। जैविक खेती में लागत अधिक लगती है और ये लगातार बढ़ती जाती है इसलिए प्राकृतिक खेती का कोई विकल्प नहीं है। प्राकृतिक कृषि में लागत शून्य और उपज का दुगना मूल्य प्राप्त होता है और इससे पर्यावरण संरक्षण भी होता है। प्राकृतिक खेती प्रदूषण नियंत्रण करती है और मानव जीवन को पोषण प्रदान करती है। इस खेती में कीटनाशकों का प्रयोग नहीं किया जाता है जिसमें जल तथा पृथ्वी दोनों सुरक्षित रहते हैं। लोगों का कृषि के प्रति लगातार रूझान घटता जा रहा है और किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं। ऐसे में प्राकृतिक कृषि हर दृष्टिकोण से देश हित में है और इससे कृषि पालायन रूकेगा। गन्ना, धान, गेहूं, दाल आदि की खेती प्राकृतिक तरीके से करने की जानकारियां देते हुए पालेकर ने बताया कि इस माध्यम से मैदानी क्षेत्रों में भी पहाड़ी फसलों को उपजाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस शिविर में पड़ोसी देशों के किसान भी भाग लेंगे और उपज से लेकर बिक्री तक की जानकारियां किसानों को दी जाएंगी।

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