शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के 25 को अयोध्या आने का ये हो सकता है मकसद

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लखनऊ । केंद्र सरकार को समर्थन दे रही शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे के 25 को अयोध्या आगमन को लेकर उनकी पार्टी के नेता बेहद गंभीर हैं। पार्टी के प्रवक्ता संजय राउत तो बीते महीने से अयोध्या व लखनऊ के कई चक्कर लगा चुके हैं। आज उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की। कहा जा रहा है कि भाजपा राम मंदिर मुद्दे को लेकर परेशान है। लगातार आ रहे बयान इस बाॅत का संकेत है क एक बार फिर भाजपा राम के बहाने वोटों का धुव्रीकरण करना चाहती है। ऐसे में उद्धव ठाकरे का अयोध्या पहुंचना भाजपा के लिए हानिकारक साबित न हो जाए।

आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर भेंट करने के बाद संजय राउत ने कहा कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के 24 नवंबर को अयोध्या पहुंचने के विषय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से चर्चा हुई। संजय राउत ने इसके बाद बस इतना ही कहा कि अंदर की बात अंदर ही। उन्होंने बताया कि उद्धव राम मंदिर निर्माण शुरू कराने की मांग को लेकर 24 नवंबर को अयोध्या पहुचेंगे। वहीं बनारस में विवादित बैनरों की बात पर संजय राउत ने साफ किया कि इसका शिवसेना से कोई संबंध नहीं है। ज्ञात हो कि राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर 24 नवंबर को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अयोध्या पहुंच रहे हैं। शिवसेना ने नरेंद्र मोदी सरकार से 2019 के पहले संसद में अध्यादेश लाकर राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू कराने की मांग की है।

24 नवंबर को उद्धव ठाकरे डेढ़ बजे अयोध्या पहुचेंगे। वह तीन बजे लक्ष्मण किले में राम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में आशीर्वाद समारोह में शिरकत कर साधु-संत से आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद उद्धव ठाकरे 5 से 6 बजे के बीच सरयू आरती करेंगे। 25 नवंबर को सुबह नौ बजे उद्धव ठाकरे रामलला का दर्शन करेंग। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गुलाबबाड़ी मैदान में मुम्बई, महाराष्ट्र समेंत पूरे देश से बड़ी संख्या में अयोध्या पहुंचने वाले राम भक्तो के साथ स्थानीय लोगो से जनसंवाद करेंगे।शिवसेना ने राम मंदिर निर्माण की लड़ाई तेज कर दी है। पार्टी का कहना है कि केंद्र की मोदी सरकार अयोध्या में मंदिर नहीं बनाना चाहती, अगर मंदिर बनाना होता तो अबतक अध्यादेश लाना चाहिए था। बाबरी विध्वंस के पीछे शिवसेना का हाथ बताते हुए पार्टी प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार जितनी जल्द हो सके अध्यादेश लाए और अयोध्या में मंदिर निर्माण कराए। शिवसेना के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि लोग अयोध्या में राम मंदिर बनाने की मांग उठा रहे हैं।

आज यह मांग कतई न उठती अगर 6 दिसबंर 1992 को शिवसैनिक विवादित मस्जिद का ढांचा न गिराते। राउत ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को अध्यादेश लाकर मंदिर निर्माण कराना चाहिए और उनकी पार्टी इसका पूर्ण समर्थन करेगी।राउत कहा कि शिवसेना अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। हमने इसके लिए लड़ाई लड़ी है। हमारे लिए राम मंदिर कोई जुमला नहीं है क्योंकि शिवसेना मानती है कि मुद्दा कोर्ट से नहीं जनभावना और राष्ट्र की प्रतिष्ठा के मुताबिक सुलझना चाहिए। उन्होंने कहा कि भले ही हमारा मुख्यालय मुंबई में है, लेकिन हम पूरे देश में मंदिर की लड़ाई जारी रखेंगे।

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