विवादित जमीन पर पर प्लाटिंग करने की जुगाड़ में दबंग भूमाफिया प्रशासन मौन बना

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पीलीभीत। थाना कोतवाली क्षेत्र की एकता नगर कालोनी में गुरूद्वारे के पीछे खाली पड़ी जमीन पर बीते काफी समय से दो पक्षों के बीच जिला न्यायालय में विवाद चल रहा था इसी बीच बाहर रह रहा एक पक्ष ने भू-माफियाओं से मिलकर जिले के कुछ प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बैठकर व सांठ-गांठ कर आज उस जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया। बिना किसी परमीशन के ही सड़क डालना शुरू कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मुड़िया पनई उर्फ सुनगढ़ी अन्दर चुंगी परगना व तहसील पीलीभीत स्थित भूमि गाटा संख्या 177/2 क्षेत्रफल 0.073 हेक्टेयर व 118/1 क्षेत्रफल 0.125 हेक्टेयर भूमि खातेदार रामाधीन पुत्र मुलू व बांकेलाल पुत्र ईश्वरी प्रसाद, राकेश, रामपाल पुत्र तेजराम व रमेश पुत्र टीकाराम निवासी मोहल्ला सुनगढ़ी के नाम तथा गाटा संख्या 117/3 क्षेत्र 0.073 हेक्टेयर व 118/1 क्षेत्रफल 0.130 राजेन्द्र कौर पत्नी परमजीत सिंह निवासी मोहल्ला नखासा के नाम संक्रमणीय भूमिधर दर्ज है।
उक्त भूमि कोतवाली क्षेत्र की एकतानगर कालोनी में आबादी के अन्दर स्थित है। इस सम्बन्ध में तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट अर्चना द्विवेदी के द्वारा 28 दिसम्बर 2018 को राजस्व टीम के साथ जाकर जांच भी की गई। जांच में पाया गया कि गुरूद्वारा भी इन्हीं गाटों में बना है तथा राजेन्द्र कौर अपने अपने हिस्से में प्लाटिंग कर ली है तथा खाली पड़ी भूमि पर कलावती आदि को कब्जा दिलाने के निर्देश दिए गए। उस दौरान नगर मजिस्ट्रेट के द्वारा राजस्व अभिलेखागार में उपलब्ध खतौनी वर्ष 1392 से 1397 का मुआयना किया गया जिसमें खाता संख्या 94 पर महेन्द्र कौर पत्नी निर्मल सिंह के नाम गाटा संख्या 117/3 व 118/2 कुल 2 किता क्षेत्रफल 0.50 एकड़ संक्रमणीय भूमिधर दर्ज है। उक्त भूमि खाता संख्या 117/3, 118/1, 34/2 व 116 कुल 4 किता क्षेत्रफल 1.66 एकड़  से महेन्द्र कौर व परमजीत सिंह पुत्र बुलाका सिंह के नाम खारिज कर सतवेन्द्र कौर पत्नी बुलाका सिंह के नाम दर्ज करने का आदेश दिया गया था। खतौनी वर्ष 1392 से 1397 फसली के गाटा संख्या 118/2 पर अंकित था लेकिन एनटी के आदेश में गलती से गाटा संख्या 118/1 दर्ज हो गया, उसी के आधार पर खतौनी में भी 118/1 दर्ज हो गया, जिसका अमलदरामद होना चाहिए था। खतौनी में गलत गाटा दर्ज होने के साथ ही विवाद की स्थिति शुरू हो गई और दोनों पक्ष उक्त जमीन को अपना-अपना दावा ठोकते आ रहे हैं।
शुक्रवार को जब राजेन्द्र कौर पक्ष के लोग उक्त जमीन पर प्लाटिंग करने के उद्देश्य से सड़क डालने का प्रयास कर रहे थे। इसकी जानकारी जब जेल में निरूद्ध चल रहे जमीन के वास्तविक मालिक राकेश पुत्र तेजराम, विशाल चंद्र पुत्र सुरेश चंद्र निवासी मोहल्ला खकरा, ऋषि राठौर पुत्र लीलाधर निवासी मोहल्ला सरायखाम के परिवार वाले मौके पर पहुंचे और दबंग कब्जेदारों का विरोध करने लगे। लेकिन कब्जेदारों की दबंगई व डीएम और सिटी मजिस्ट्रेट से करीबी के चलते उनकी एक न चली और वह वहां से हंगामा काटते हुए चले गए।
सूत्रों के मुताबिक राजेन्द्र कौर पक्ष के लोग बिना कोई नक्शा पास कराये कालोनी काटने के प्रयास में हैं वही डीएम व सिटी मजिस्ट्रेट से अच्छी पकड़ होने की बात कहते हुए दबाब बनाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन के द्वारा भी उक्त कब्जेदारों के विरूद्ध भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है और न ही अभी तक उक्त जमीन को कब्जामुक्त कराया गया है, जिससे इस पूरे मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है।

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