सीतापुर। बिसवा से बीजेपी विधायक महेंद्र यादव और उनके गुर्गों पर आरोप है की उन्होंने सरकारी दफ्तर से लेकर बाहर तक गन्ना सचिव राम प्रताप को दौड़ा दौड़ा कर पीटा। पीड़ित सचिव का आरोप है, उन्हें 20 मिनट तक बंधक बनाए रखा गया। इस दौरान विधायक ने सचिव को दो थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद उनके समर्थकों ने सचिव को दौड़ा दौड़ाकर पीटा। किसी तरह गन्ना सचिव ने भाग कर अपनी जान बचाई।
पिटाई का मामला सीसीटीवी में कैद हुआ है। इस मामले में पीड़ित की तहरीर पर विधायक व उनके समर्थकों पर केस दर्ज किया गया है। इस घटना के बाद गन्ना विभाग के कर्मचारियों में जबरदस्त आक्रोश है। कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। बाद में गन्ना विभाग के कर्मचारी जुलूस लेकर कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। इस दौरान विधायक मुर्दाबाद और कर्मचारी एकता जिंदाबाद के नारे भी लगाए।
गोंडा जिले के रहने वाले राम प्रताप बिसवां गन्ना समिति में सचिव हैं। उन्होंने बताया कि, बुधवार की दोपहर करीब तीन बजे वे ज्येष्ठ गन्ना अधिकारी बिसवां प्रभात कुमार के चैंबर में बैठे हुए थे।
तभी भाजपा विधायक अपने काफिले के साथ कार्यालय पहुंचे। विधायक गन्ना समिति के चेयरमैन की कुर्सी पर बैठ गए। वहां से विधायक ने बुलावा भेजा। लेकिन सरकारी काम में फंसे होने के कारण पहुंचने में थोड़ी देरी हो गई। इसके बाद गुस्से में विधायक व उनके समर्थक गन्ना सचिव के कमरे में दाखिल हो गए और जबरन ड्यूटी बदलने का दबाव बनाने।
सचिव ने विधायक को मना कर दिया। कहा कि, ठीक समय आते ही ड्यूटी बदल दी जाएगी। इतने में ही विधायक ने सचिव राम प्रताप को दो थप्पड़ जड़ दिए। यह देखते ही समर्थकों ने सचिव को कैंपस में दौड़ा दौड़ाकर पीटा। सचिव ने भागकर अपनी जान बचाई।
इसके बाद विधायक अपने काफिले के साथ निकल गए। बुधवार रात पीड़ित सचिव की तहरीर पर विधायक व उनके 20 समर्थकों पर आईपीसी की धारा 323, 504,506 के तहत मामला दर्ज किया गया है। विधायक व उनके समर्थकों की गिरफ्तारी को लेकर कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। गुरुवार को कर्मचारियों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया है। साथ ही नारेबाजी कर विधायक के खिलाफ प्रदर्शन किया है। सिटी मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश पांडेय का कहना है कि विधायक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जांच चल रही है।
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