लखनऊ. वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि हम इसके लिए पूरी तरह से तैयार हैं. उन्होंने कहा कि हम एकसाथ चुनाव कराने के पक्षधर हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि योगी सरकार ने इसको लेकर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है. लेकिन, एकबार भी हम लोगों से चर्चा नहीं की गई. अखिलेश यादव ने कहा कि भले ही हम सत्ता में ना हों, लेकिन इस सिस्टम में विपक्ष की बहुत बड़ी भूमिका होती है. इसके बावजूद किसी भी विपक्षी नेताओं से चर्चा नहीं की गई. उन्होंने कहा कि 2019 में होने वाले चुनाव की तैयारी हमनें अभी से शुरू कर दी है. अभी से मैं रोजाना साइकिल से प्रैक्टिस कर रहा हूं. आने वाले दिनों में साइकिल से चलने की जरूरत होगी तो अभी जो प्रैक्टिस कर रहे हैं, वह काम आएगा.
योगी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बयान को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि वे अपनी बात हमसे और आपसे क्यों कह रहे हैं? उनको अपनी बात मिटिंग में रखनी चाहिए. ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को मुख्यमंत्री नहीं बनाये जाने के कारण पिछड़े वर्ग में नाराजगी बढ़ी है और यही कारण है कि बीजेपी को उपचुनावों में हार का मुंह देखना पड़ रहा है. राजभर ने कहा था कि वोट केशव प्रसाद मौर्य के चेहरे पर मांगे गए, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बना दिया गया.
गौरतलब है कि 5 जून को सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है. इस प्रस्ताव के मुताबिक, पहले लोकसभा और विधानसभा चुनाव एकसाथ कराने की बात कही गई है. बाद में इसमें स्थानीय निकाय चुनावों को भी शामिल कर लिया जाएगा. इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय समिति का गठन किया गया था.एक देश, एक चुनाव और समान मतदाता पंजी’ शीर्षक वाली विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपने के बाद सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा, उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जो पंचायत स्तर तक के सभी चुनावों को एक साथ करवाने पर राष्ट्रीय स्तर पर विमर्श कराने के प्रधानमंत्री के विचार को आगे बढ़ा रहा है. हमने इसका अध्ययन किया और पाया कि यह संभव हो सकता है.
रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, हम इस रिपोर्ट को केंद्र को भेज रहे हैं और यह जनता के व्यापक हित में काफी अच्छा कदम होगा. उन्होंने कहा कि समिति की रिपोर्ट में सुझाव है कि चुनाव प्रणाली को साफ सुथरा रखने के लिये आधार नंबर को मतदाताओं के नाम के साथ लिंक कर देना चाहिए. इससे मतदाता के नाम का दोहराव नहीं हो सकेगा.
2024 लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर प्रस्ताव दिया गया है
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के एक देश – एक चुनाव के सुझाव के समर्थन में उत्तर प्रदेश लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने का पक्षधर है. एक देश एक चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को पेश किए गए रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि अगला आम चुनाव दो चरणों में सभी राज्यों और देश में कराया जाए. यह सुझाव 2019 में होने वाले आम चुनाव की जगह 2024 में होने वाले चुनाव को लेकर दिया गया है.
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