लाभदायक है गर्मी में लौकी की खेती-प्रो.रवि

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रिपोर्टर:तकी मेहदी

बल्दीराय(सुल्तानपुर)।विकास खण्ड के काकर कोला गाँव मे लतावाली सब्जियो जैसे लौकी,कद्दू खीरा,एवं करेला की खेती लगभग 47 कच्चे बीघा क्षेत्रफल मे की गई है,यह खेती क्षेत्रीय किसान नही बल्कि फरूखावाद जनपद फतेहपुर ब्लाक से आकर छोटू अहमद एवं उनके भाई अब्दुल मजीद ने की है।नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौधौगिक विश्व विधालय कुमारगंज अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र बरासिन सुलतानपुर के अध्यक्ष प्रो.रवि प्रकाश मौर्य द्वारा काकरकोला गाँव का दो वार भ्रमण किया जा चुका है।

तथा बताया कि कद्दू कुल की सब्जियाँ अत्यंत स्वास्थ्यप्रद सब्जी है, जिसकी खेती प्रमुखता से की जा रही है। गर्मी में तो इसकी खेती विशेष रूप से फायदेमंद है। यही वजह है कि क्षेत्रीय किसान भी ग्रीष्मकालीन लौकी की खेती बड़े पैमाने पर किए हैं।फरूखावाद निवासी छोटू ने लौकी की ग्रीष्मकालीन खेती से जुड़ी तमाम जानकारियां दीं। उन्होने बताया कि माह नवम्बर मे बीज की बुआई कर दी। तथा ऊपर से पाला सर्दी से बचाव हेतु पालीथीन के चादर से लकड़ी के सहारे पौधे को ढक दिया ।मौसम सही होने पर पालीथीन हटा दिया।इस समय फल काफी मात्रा मे लग गये है।उन्होने बताया कि उनके पास गृह जनपद मे खेती कम है।

इसलिये बाहर आकर खेती करते है। एक बीघा जमीन का 2500 ₹ सालाना खेत मालिक को भुगतान करते है। खेती मे प्रति बीघा लागत लगभग रू10-12हजार आता है तथा पैदावार 25-30 कुन्टल प्रति बीघा हो जाता है। डा.मौर्य ने बताया कि जो किसान अभी तक किसी कारण से लता वाली सब्जियाँ जैसे – लौकी,कदद् ,नेनुआ ,करेला खीरा, तरबूज ,खरबुज एवं ककड़ी आदि नही लगा पाये है तो मौसम अभी अनूकुल चल रहा है।यथा शीध्र बुआई कर सकते है।

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