लखनऊ में मुख्यमन्त्री जी ने, सुलतान पुर में प्रभारी मन्त्रीजी ने किया मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का शुभारम्भ,सशक्त होंगी महिलाएं, सरकार की इस पहल से-प्रभारी मन्त्री

[object Promise]

45 लाभार्थियों को दिया गया योजना का लाभ

रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

सुलतानपुर। महिलााओं के सशक्तीकरण की प्रतिबद्धता के दृष्टिगत प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना को संचालित किया जा रहा है, जिसका लखनऊ में प्रदेश के मुख्यमन्त्री जी द्वारा तथा जनपद सुलतानपुर में प्रभारी मन्त्रीजी द्वारा योजना का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर 45 लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया गया।
योजना के शुभारम्भ अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण तथा शिशु कल्याण मन्त्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि महिला सशाक्तीकरण शासन की प्रतिबद्वता है, जिसके दृष्टिगत राज्य सरकार द्वारा कन्या सुमंगला योजना को लागू किया गया है।

उन्होने बताया कि कन्या सुमंगला योजना का मुख्य उददेश्य कन्या भू्रण हत्या को समाप्त करना, समान लैगिक अनुपात स्थापित करना, बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकना, बालिकाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा को प्रोत्साहन देना, बालिकाओं को स्वावलंबी बनाने में सहायता प्रदान करना तथा बालिका के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच को विकसित करना है। सरकार की इस पहल से प्रदेश की बालिकाएं एवं महिलाएं सशक्त होंगी एवं देश की सेवा में महती भूमिका निभायेंगी।
योजना की जानकारी देते हुए प्रभारी मन्त्री ने बताया कि बालिका के जन्म होने पर रू0 2000/-, बालिका के एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के उपरान्त रू0 1000/-, कक्षा-01 में बालिका के प्रवेश के उपरान्त रू0 2000/-, कक्षा-06 में बालिका के प्रवेश के उपरान्त रू0 2000/-, कक्षा-09 में बालिका के प्रवेश उपरान्त रू0 3000/- तथा ऐसी बालिकायें जिन्होंने कक्षा-12वीं उत्तीर्ण करके स्नातक अथवा 02 वर्षीय या अधिक अवधि के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लिया हो, को रू0 5000/- की सहायता शासन द्वारा प्रदान की जायेगी। पात्रता की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि लाभार्थी का परिवार उत्तर प्रदेश का निवासी हो, परिवार की वार्षिक आय 03 लाख तक हो, परिवार की अधिकतम 02 ही बच्चियों को योजना का लाभ मिल सकेगा। किसी महिला को द्वितीय प्रसव से जुड़वा बच्चे होने पर तीसरी सन्तान के रूप में लड़की को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होने जन सामान्य से अपील की है कि कन्या सुमंगला योजना हेतु आॅनलाइन आवेदन कर बालिकाओं को स्वावलंबी बनायें। सदस्य राज्य महिला आयोग सुमन सिंह ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिये उनके परिवार को आगे आना होगा। अपनी बालिकाओं को अच्छी शिक्षा दिलाना होगा एवं भेदभाव रहित पारिवारिक वातावरण सृजित करना होगा। तभी शासन की मंशा को साकार रूप मिल सकेगा।
जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती ने बताया कि कन्या सुमंगला योजना के अन्तर्गत 25 अक्टूबर तक कुल 3893 आवेदन आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन के सापेक्ष 1558 फाइनल सबमिट के उपरान्त 45 की संस्तुति कर शासन को प्रेषित कर दिया गया। जिन्हें प्रभारी मंत्री द्वारा स्वीकृति पत्र वितरित किये गये।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *