लखनऊ का हवाई अड्डा बनेगा जर्मनी के फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट की तरह, केंद्र ने दिए 1235 करोड़ रुपये

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नभ निर्माण योजना के तहत मोदी सरकार ने बुधवार को चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के तीसरे टर्मिनल के लिए 1235 करोड़ रुपये का विशेष आर्थिक पैकेज दिया है। केंद्र से मिलने वाली इस मदद से एक तरफ जहां हवाईअड्डे पर विश्वस्तरीय सुविधाओं का विस्तार करने में मदद मिलेगी वहीं राजधानी का दुनिया के प्रमुख देशों से हवाई संपर्क भी बढ़ेगा। साथ ही अधिग्रहीत जमीन की मुआवजा राशि से जुड़ा विवाद भी निपटेगा।

ऐसा है टी-3 टर्मिनल का ब्लू प्रिंट
तीसरे टर्मिनल को जर्मनी के फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जाना है। इसके बन जाने से 60 लाख हवाई यात्री सालाना सफर कर सकेंगे। 80 उड़ानों की रोजाना लैंडिंग व टेक ऑफ हो सकेगा। 1,15,000 वर्गमीटर में फैले टर्मिनल में हर दस मिनट पर 4,000 पैसेंजर आ-जा सकेंगे। 1,500 वाहनों की पार्किंग और 15 एरोब्रिज यात्रियों की सुविधा के लिए लगे होंगे।

दूर होगी विमान डायवर्जन की दिक्कत
इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान विमानों को जयपुर व दिल्ली डायवर्ट करने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा। यहां आठ नए पार्किंग स्टैंड बनाए जाने हैं।

583 मीटर बढ़ेगा रनवे, उतरेंगे जम्बो जेट
एयरपोर्ट का रनवे 2,742 मीटर है, जो कि बड़े जहाजों के लिहाज से छोटा है। इसकी लंबाई 583 मीटर बढ़ाने की योजना एयरपोर्ट प्रशासन ने तैयार कर रखी है।भक्तीखेड़ा गांव में अवस्थित 175 मकानों को आबादी रहित बनाने के बाद रनवे विस्तार का रास्ता भी साफ होने से जम्बो जेट विमान भी एयरपोर्ट पर उतर सकेंगे।

‘एयरपोर्ट पर दिखेगी लखनवी संस्कृति’
अमौसी एयरपोर्ट का नया टर्मिनल ऐसे डिजायन किया जाएगा कि लखनऊ की कला एवं संस्कृति उभरकर आएगी। यह कहना है केंद्रीय नागरिक विमानन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा का। वह इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि 75 साल में देश में केवल 75 एयरपोर्ट थे, जबकि योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के एक साल में ही यूपी में यह संख्या दो से बढ़कर 20 पर पहुंच गई है।

 

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