राजकीय वाहन चालक महासंघ ने अपनी पूर्व से लम्बित पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर आगामी 6 फरवरी से सरकारी वाहनों का चक्का जाम करने का निर्णय लिया हैं। इस सम्बन्ध में शुक्रवार को पीडाब्लूडी स्थिति चालक संघ भवन पर जिलाध्यक्ष रविन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष रामफेर पाण्डेय व महामंत्री मिठाई लाल के द्वारा भेजे गये पत्र के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यसचिव को भेजा गया पत्र में कहा गया हैं कि सरकार के वाहन चालकों की मांगे काफी समय पूर्व से लम्बित चल रही हैं, जिस पर सरकार द्वारा समिति का गठन कर उसे एक माह के अन्दर अपनी संस्तुति सहित रिपोर्ट प्रेषित करने का निर्देश दिया गया था इसी क्रम में उ.प्र.शासन के शीर्घ उच्चाधिकारियों व महासंघ के प्रतिनिधियों से कई चरणों में बैठक/वार्ता हुई जिसपर जल्द ही शासनादेश निर्गत करने के आश्वाशन दिये जाते रहे। इसी सम्बन्ध में 19, 24 व 27 जनवरी को समस्त प्रान्तीय विभागीय संघो की प्रतिनिधियों के आवश्यक बैठक हुई जिसमें आन्दोलन (चक्का जाम) करने का निर्णय लिया गया।
चालक/ कर्मचारियों को उनके अन्तिम दिनों का एक मात्र सहारा पुरानी पेंशन व्यवस्था के स्थान पर तत्कालीन प्रदेश सरकार ने नयी अंशदायी पेंशन व्यवस्था लागू कर दी हैं। जिसका विरोध प्रदेश भर के राज्य कर्मचारियों द्वारा धरना/प्रदर्शन के रूप में किया गया हैं। पुरानी पेंशन बहाल न होने की दशा में आज भी प्रदेश के लाखों-लाख कर्मचारी शिक्षक, अधिकारी आक्रोशित एवं आंदोलन हेतु तत्पर है। जिसका राजकीय वाहन चालक पूर्ण रूप से नैतिक समर्थन करता हैं। महासंघ ने मांग किया है कि 4 फरवरी तक वाहन चालकों से सम्बंधित मांगो पर शासनादेश निर्गत करें अन्यथा की 6 फरवरी को पुरानी पेंशन बहाली मंच द्वारा प्रस्तावित आन्दोलन में राजकीय वाहन चालक महासंघ भाग लेने के हेतु बाध्य होगा।
यही नागी आगामी लोकसभा चुनाव का पूर्णरूप से बहिष्यकार करेगी, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन के उच्चाधिकारियों एवं राज्य सरकार की होगी। बैठक में शिक्षा विभाग से अनिल कुमार गिरी, त्रिभुवन यादव, ब्रजबिहारी यादव कृषि, अजय कुमार विकास भवन, पप्पु रावत सेलटेक्स, मसरुल अहमद, रामबाबू, अनिल कुमार, रामसागर गौड़, मो.तसलीम, कामता प्रसाद वर्मा, चन्द्रिका प्रसाद यादव, मो.मुफ़ीत आदि चालक मौजूद रहे।
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