रमजान में घर पर नमाज के लिए पड़ोसी को भी न बुलाए, सोशल डिस्टेंसिंग का रखें ख्याल – मौलानाओं ने की अपील

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लखनऊ। माहे मुबारक रमजान का चांद 24 अप्रैल को देखा जाएगा। चांद होने पर पहला रोजा 25 अप्रैल नहीं तो उसके अगले दिन 26 को होगा। मौलाना लोगों से अपील की है कि वह रमजान में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखें। ऐसे में जब स्कूल, कॉलेज, दफ्तर, बाजार व इबादतगाहें बंद है तो लोगों अपने घरों में रह कर तरावीह पढ़े। यहां तक की वह अपने पड़ोसी तक को न बुलाए। मौलाना ने जिला प्रशासन से अपील की है कि वह मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में सफाई व बिजली के पुख्ता इंतजाम करें। प्रशासन खजूर की उपलब्धता भी बाजार में कराएं।

इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया की ओर से 16 बिन्दुओं की एक गाइडलाइन भी मुसलमानों के लिए जारी की गई है। इनमें जो लोग मस्जिद में रहते हैं, वहीं तरावीह अदा करें, मस्जिद में एक समय पर 5 लोग से अधिक न हो, घर पर नमाज अदा करने के लिए पड़ोसियों को न बुलाए, इफ्तार अपने घर पर करें, कोरोना वायरस खत्म होने की दुआ करें, गरीबों के लिए इफ्तारी उनके घर तक पहुंचाए, इफ्तार पार्टी करने के बजाए गरीबों को उसी पैसे से अनाज दें।

माह-ए-रमज़ान में पूरे शहर विशेषकर मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों जैसे एैशबाग, बिल्लौचपुरा, नक्खास, अकबरी गेट, चैक, चैपटियाॅ, हुसैनाबाद, सआदतगंज, मौलवीगंज, गोलागंज, अमीनाबाद, कसाईबाड़ा, हुसैनगंज, सदर, डालीगंज, खदरा, निशातगंज, खुर्रमनगर और अन्य मोहल्लों में सफाई सुत्थराई पर विशेष ध्यान दिया जाए। सेहरी और इफ्तार के समय में बिजली और पानी की सप्लाई को सुनिश्चित किया जाए। शहर में विशेषकर पुराने लखनऊ में अमन व अमान बनाये रखा जाए।

सम्प्रदायिक तत्वों पर विशेष निगाह रखी जाए जो अमन व कानून के साथ खिलवाड़ करे उसको सख्त सज़ा दी जाए। इस माह में जरूरी चीज़ों विशेषकर खुजूर की उपलब्धता बिना किसी रोक टोक के आसान की जाए। इस्लामिक सेन्टर आफ इण्डिया के सदस्यों ने उम्मीद जाहिर की है कि मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली की इन हिदायतों पर पूरी तरह अमल किया जायेगा।

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