योगी सरकार सख्त : सरकारी दफ्तरों में गुटका, सिगरेट और तम्बाकू उत्पादों का सेवन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी दफ्तरों में गुटका, सिगरेट तथा अन्य तम्बाकू उत्पादों का सेवन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय ने बताया कि राज्य के सरकारी दफ्तरों में सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पादों के सेवन को प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को समुचित प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।

 

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गुटका और पान

,राज्य में तम्बाकू सेवन पर पहले से ही प्रतिबंध है लेकिन, अनुपालन नहीं हो रहा है। यदि किसी ने तम्बाकू सिगरेट, पान मसाला और गुटखा का सेवन किया तो सख्त कार्रवाई होगी। मुख्य सचिव ने गुरुवार को सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और विभागाध्यक्षों को भेजे गए निर्देश में स्पष्ट तौर पर कहा है कि दफ्तरों में सिगरेट, तम्बाकू, मसाला, गुटखा, धूमपान आदि के प्रयोग को प्रतिबंधित करने संबंधित आदेश का पूरी तरह पालन किया जाए।

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डॉ. पांडेय ने कहा कि तम्बाकू उत्पादों के प्रयोग से विभिन्न प्रकार की जानलेवा बीमारियां उत्पन्न होती हैं और इसके दुष्प्रभाव से राष्ट्रीय स्वास्थ्य की क्षति होती है। उन्होंने सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद (विज्ञापन प्रतिषेध एवं व्यापार तथा वाणिज्य उत्पादन, प्रदाय और वितरण का अधिनियम) अधिनियम-2003, (सीओटीपीए-2003) का हवाला देते कहा है कि इसके तहत महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, उप्र को संपूर्ण प्रदेश में प्रतिबंध लगाने के लिए शक्तियों के प्रयोग और कर्तव्य पालन के लिए समुचित प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।

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