योगी सरकार ने अति पिछड़ा वर्ग की 17 जातियों को अनुसूचित जातियों की लिस्ट में किया शामिल, अब मिलेगा ज्यादा आरक्षण का ‘लॉलीपॉप’

योगी सरकार ने अति पिछड़ा वर्ग की 17 जातियों को अनुसूचित जातियों की लिस्ट में किया शामिल, अब मिलेगा ज्यादा आरक्षण का ‘लॉलीपॉप’

लखनऊ। यूपी की ये 17 जातियां अरसे से मांग कर रही है कि उन्हें एससी-एसटी की सूची में शामिल किया जाए। ऐसा करके ही उनका सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक विकास हो सकता है.। इन जातियों के प्रतिनिधियों का कहना है कि पिछड़ी जातियों में भी अति पिछड़ी होने की वजह से समाज में उन्हें वाजिब हिस्सेदारी नहीं मिल रही है। बताया जा रहा है कि बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व भी उनकी मांग से सहमत दिख रहा है। अब योगी आदित्यनाथ सरकार ने अति पिछड़ा वर्ग की 17 जातियों को अनुसूचित जातियों की लिस्ट में डाल दिया है। ये अति पिछड़ी जातियां हैं- निषाद, बिन्द, मल्लाह, केवट, कश्यप, भर, धीवर, बाथम, मछुआरा, प्रजापति, राजभर, कहार, कुम्हार, धीमर, मांझी, तुरहा और गौड़. को एससी की कैटेगरी में डालने का सीधा फायदा इनके लिए बढ़े आरक्षण के फायदे के तौर पर होगा।

इससे पहले सपा औा बीएसपी भी इस तरह की कोशिश करके इन जातियों को लुभाने का प्रयास कर चुकी है। ें मुलायम सरकार ने 2005 में एक आदेश जारी किया था। लेकिन हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी तो प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया। 2007 में मायावती सत्ता में आईं तो इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। लेकिन बाद में खुद पत्र लिखा. दिसंबर 2016 में यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस तरह की कोशिश अखिलेश यादव ने भी की थी। मामला केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में जाकर अटक गया।

अब जब योगी सरकार ने 17 अन्य पिछड़ा वर्ग की जातियों को एससी लिस्ट में डाल दिया है तो उत्तर प्रदेश का सियासी पारा गरम हो सकता है। हालांकि अभी योग सरकार के इस फैसले पर बसपा और सपा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन इतना तो तय हैं योगी सरकार का ये फैसला उत्तर प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां और बढ़ाएगा। योगी सरकार का यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यूपी में कुछ दिनों बाद ही विधानसभा के उपचुनाव होने वाले हैं। सरकार इस फैसले को उपचुनावों में जरूर भुनाना चाहेगी।

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