योगी सरकार इन 95 कानूनों को समाप्त करने का किया फैसला

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लखनऊ। योगी सरकार अंग्रेजों के समय  और कई आजादी के बाद के, वर्तमान समय में अप्रासंगिक हो चुके 95 और कानून खत्म करने जा रही है। इन कानूनों की समीक्षा के बाद सरकार ने पाया है कि अब इनकी कोई जरूरत नहीं रह गई है। इसके लिए जल्द ही विधेयक लाया जाएगा जिसे उत्तर प्रदेश रिपीलिंग एक्ट-2018 कहा जाएगा।

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गौरतलब है कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद ही विधि मंत्री बृजेश पाठक ने अपनी अहमियत खो चुके कानूनों को खत्म करने का फैसला लिया था। इस कड़ी में अंग्रेजों के समय से चल रहे लगभग साढ़े तीन सौ कानूनों को खत्म किया जा चुका है। इसमें जमींदारी एक्ट भी था। इस कड़ी को आगे बढ़ते हुए 95 और कानूनों को खत्म करने की तैयारी की जा रही है।

इसमें उत्तर प्रदेश प्राइमरी एजुकेशन एक्ट-1919 (यूपी एक्ट नं. 7 ऑफ 1919 है) भी है। आजादी के बाद से प्राइमरी एजुकेशन के कानून में इतने परिवर्तन हो चुके हैं कि अब यह औचित्यहीन है। इसी प्रकार 1947 का मोटर व्हीकिल एक्ट, दि यूनाइटेड प्राविंस टाउन एरिया एक्ट-1948, दि युनाइडेट प्राविंस सेल्स टैक्स एक्ट-1948 आदि हैं।

विधि मंत्री बृजेश पाठक के अनुसार पहले गणतंत्र दिवस के 69 साल पूरे हो चुके हैं और इन कानूनों का अब कोई अर्थ न हीं रह गया है। ये बेवजह ही दस्तावेजों पर बोझ बन चुके हैं। इसी वजह से इन्हें खत्म करने का निर्णय किया गया है। गौरतलब है कि हाल ही में विधि विभाग ने न्यायिक सेवा परीक्षा से जमींदारी उन्मूलन का पाठ्यक्रम भी बाहर कर दिया है। देश में जमींदारी न रह जाने से यह पाठ्यक्रम औचित्यहीन हो गया था।

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बुधवार को प्रदेश के विभिन्न जेलों में बंद 72 कैदी रिहा किए जाएंगे। ये कैदी जुर्माना अदा न कर पाने के कारण जेल में अतिरिक्त सजा काट रहे थे। इनके अवशेष अर्थदंड की राशि को विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं, समाजसेवी संस्थाओं व क्लबों ने जमा कर दी है।

कारागार विभाग ने इन कैदियों के रिहा करने की तैयारी कर ली है। ये कैदी प्रदेश के 27 जेलों में बंद हैं। इनमें नैनी जेल से आठ, झांसी जेल से पांच, बाराबंकी से चार, कानपुर नगर से आठ, आगरा से आठ, गोरखपुर से तीन, जौनपुर से दो, वाराणसी से तीन, देवरिया से एक, शाहजहांपुर से दो, मुरादाबाद से तीन, खीरी से एक, हमीरपुर से एक, लखनऊ से छह, पीलीभीत से एक, अलीगढ़ से तीन, रायबरेली से एक, मेरठ से दो, बुलंदशहर से एक, बस्ती से एक, कन्नौज से एक, उन्नाव से एक, इटावा से दो, रामपुर से दो, मथुरा से एक व मीरजापुर से एक कैदी रिहा होंगे।

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