योगी के बस सवार होकर तो गोरखपुर तो पहुंच गए,पर युपी से बिहार में प्रवेश करते ही बांसी से पैदल जाने को हो गए मजबुर

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पडरौना,कुशीनगर : दिल्ली से घर लौटने वालों का सिलसिला लगातार जारी है। बिहार में गांव पहुंच रहे मजदूरों मजदुरो ने बताया कि लॉकडाउन होने से ठीकेदार ने काम बंद कर दिया और घर जाने को कहा। वहां न रहने की व्यवस्था थी और न ही खाने का इंतजाम हो पा रहा था, इसलिए उन्होंने पैदल ही घर जाने की ठानी। पैदल वालों की संख्या बढ़ी तो सरकार की ओर से बसों का इंतजाम किया गया था।

भूखे पेट कैसे कटते दिन ?

घर पहुंचे मजदूर लॉकडाउन को लेकर जागरूक हैं लेकिन उनका कहना है कि मजबूरी में वहां से घर लौटने का निर्णय लेना पड़ा। दिल्ली में भूखे पेट आखिर दिन कैसे कटते।

बिस्किट व पानी के भरोसे कटा रास्ता

बिहार के नरकटियागंज निवासी दो युवक पैदल ही घर के लिए चल दिए। रास्ते में ऑटो,ट्रक व डीसीएम मिलती गई तो कुछ रास्ता आसान हो गया। इस दौरान बिहार के पूरे रास्ते मजदुर पैदल चल गांव में अपने परिवार से मिलने के लिए निकल पड़े ।

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