योगी के गढ़ गोरखपुर में निर्दलीय की सेंध, अमेठी पर बीजेपी का कब्जा

यूपी निकाय चुनाव 2017 के नतीजे आने शुरू हो गए हैं. इन निकाय चुनावों में सबसे कम मत प्रतिशत नगर निगम क्षेत्रों में हुआ. नगर निगम में औसतन 41.26 प्रतिशत मतदान हुआ. वहीं नगर पालिकाओं में 58.15 फीसदी और नगर पंचायतों में 68.30 प्रतिशत हुआ है. सबसे कम इलाहाबाद में 30.47 प्रतिशत मत पड़े.। नगर निकाय चुनाव नतीजे आने शुरू हो गए हैं उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जादू कायम है. मेयर के 16 सीटों में से अयोध्या मेयर सीट पर बीजेपी ने कब्जा जमा लिया है जबकि 13 दूसरी सीटों पर अपनी बढ़त कायम किए हुए है. बीएसपी के खाते में अलीगढ़ की सीट गई है और वह मेरठ सीट पर भी अपनी बढ़त बनाए हुए है. मिली जानकारी के मुताबिक गोरखपुर के वॉर्ड नंबर 68 से बीजेपी उम्मीदवार माया त्रिपाठी चुनाव हार गई हैं. यहां से निर्दलीय उम्मीदवार नादिर ने जीत दर्ज की है. इस वॉर्ड में ही गोरखनाथ मंदिर स्थित है. वहीं कांग्रेस के गढ़ अमेठी में बीजेपी को सफलता मिली है. यहां नगर पंचायत चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी को जीत मिली है.।
यूूूूपी निकाय चुनाव के नतीजे आने शुरू हो गए हैं. यूपी में 22, 26 और 29 नवंबर को वोटिंग हुई. इस चुनाव में 16 नगर निगम 198 नगर पालिका और 438 नगर पंचायत के लिए वोट डाले गए थे. यूपी निकाय चुनाव के नतीजों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की साख से जोड़कर देखा जा रहा है. उन्होंने इन चुनावों में प्रचार की शुरुआत 14 नवंबर को अयोध्या से की थी, एक महीने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 रैलियां कीं, इस दौरान वो सभी 16 जिलों में गए जहां नगर निगम चुनाव हुए. 2012 में मेयर चुनाव में बीजेपी ने 12 में से 10 सीटें जीती थीं.।
यूपी निकाय चुनाव के तीसरे चरण में वोटिंग के बाद कांग्रेस नेता पुनिया ने कहा था, षड्यंत्र के तहत विरोधियों के नाम मतदाता सूची से काटे गए।
राज्य निर्वाचन आयुक्त एस. के. अग्रवाल ने अनुसार, अंतिम चरण में 26 जिलों में पांच नगर निगमों, 76 नगर पालिका परिषदों तथा 152 नगर पंचायतों के विभिन्न पदों के लिये करीब 53 प्रतिशत मत पड़े. तीनों चरणों को समग्र रूप से देखें तो औसतन लगभग 52.50 प्रतिशत हुआ. वर्ष 2012 में 46.2 फीसदी मतदान हुआ था.।
निकाय चुनावों में सबसे कम मत प्रतिशत नगर निगम क्षेत्रों में हुआ. नगर निगम में औसतन 41.26 प्रतिशत मतदान हुआ. वहीं नगर पालिकाओं में 58.15 फीसदी और नगर पंचायतों में 68.30 प्रतिशत हुआ है. सबसे कम इलाहाबाद में 30.47 प्रतिशत मत पड़े. तीसरे चरण में सहारनपुर, बागपत, बुलन्दशहर, मुरादाबाद, सम्भल, बरेली, एटा, फिरोजाबाद, कन्नौज, औरैया, कानपुर देहात, झांसी, महोबा, फतेहपुर, रायबरेली, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, कुशीनगर, मऊ, चंदौली, जौनपुर तथा मिर्जापुर में मतदान हुआ.।
इस बार नगरीय निकाय चुनावों में कुल 36273 मतदान केंद्र बनाये गये और सिर्फ तीन में पुनर्मतदान की आवश्यकता पड़ी. वहीं, वर्ष 2012 में 33797 मतदान केंद्र में से 17 पर पुनर्मतदान हुआ था. इस दफा चुनाव ड्यूटी के दौरान एक भी मतदानकर्मी की मृत्यु नहीं हुई. मतदान के दौरान इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को लेकर हुई शिकायतों का जिक्र करते हुए अग्रवाल ने कहा कि आयोग ने इस बार निकाय चुनाव में 32374 ईवीएम लगायी थीं. मानक के अनुसार दो प्रतिशत तक ईवीएम बदलना सामान्य बात है. इस दफा 503 ईवीएम विभिन्न कारणों से बदली गयीं. यह केवल 0.7 प्रतिशत है. इन 503 में से लखनऊ में ही 250 ईवीएम बदली गयी हैं. बहरहाल, ईवीएम को लेकर जो माहौल बनाया गया है, वह सही नहीं है. इसे बेवजह तूल दिया गया है.।

Read More : निकाय चुनाव: वोट डालने के बाद बोले योगी, प्रचंड बहुमत से जीतेगी बीजेपी

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *