लखनऊ। यूपी के चार सीमावर्ती राज्यों हरियाणा, राजस्थान व दिल्ली की पुलिस अपराधों की रोकथाम के लिए इंटरस्टेट क्राइम सेक्रेटिएट का गठन करेगी। इसका मुख्यालय गुरुग्राम (हरियाणा) में होगा। इसमें नोडल अफसर के रूप में चारों राज्यों के आईजी या उससे ऊपर स्तर के पुलिस अफसर तैनात होंगे।
यह निर्णय बुधवार को गुरुग्राम के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में हुई चारों राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक में लिया गया। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी मौजूद रहे। इसमें निर्णय लिया गया कि प्रत्येक तीन महीने में इस तरह की समन्वय बैठक की जाएगी। अगली बैठक गौतमबुद्धनगर (यूपी) में होगी।
इस बैठक आयोजित करने का निर्णय यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की 24 फरवरी को मथुरा में हुई मुलाकात के दौरान हुआ था। मुलाकात में तय किया गया कि दोनों प्रदेशों में सुरक्षा के वातावरण में सुधार के लिए दोनों राज्यों की जनता के सामान्य हितों को प्रभावित करने वाले विषयों पर समन्वय के लिए सीमावर्ती राज्यों की पुलिस की समन्वय बैठक कराई जाए। बैठक में यूपी के एडीजी कानून-व्यवस्था आनन्द कुमार व एडीजी क्राइम चन्द्र प्रकाश के अलावा दिल्ली व राजस्थान के पुलिस अधिकारी शामिल हुए।
गृह विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि बैठक में अपराधियों और उनके गिरोहों का अंतरराज्यीय आवागमन रोकने, अंतरराज्यीय अपराधियों का विवरण आपस में साझा करने, वाहन चोरों, राज्यों में प्रचलित पुलिस के अच्छे अभियानों की ग्रेडिंग करने, गाय का अवैध परिवहन रोकने, कांवण यात्रा का बेहतर प्रबंधन करने, आतंकवाद (अवैध बांग्लादेशी व रोहिंग्या संबंधी) से जुड़ी, अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अंतरराज्यीय दबिश के दौरान सहयोग देने, राज्यों की एसटीएफ के आपरेशन के दौरान सहयोग करने, अवैध शस्त्रों की तस्करी रोकने में सहयोग करने, संयुक्त अवैध खनन अभियान चलाने, अपराधियों का तत्काल पीछा करते समय सहयोग देने, शराब एवं नशीलें पदार्थ की स्मगलिंग रोकने, सीमावर्ती क्षेत्र में संयुक्त गस्त, जमीन संबंधी विवादों का निस्तारण और साइबर अपराध एवं आनलाइन फ्राड रोकने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। हरियाणा के एडीजी कानून-व्यवस्था मो. अकील ने बैठक के बाद बताया कि प्रस्तावित इंटर स्टेट सेक्रेटिएट सूचना मिलने पर संबंधित राज्य में कार्रवाई के लिए समन्वय का काम करेगा।
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