यूपी में सुरक्षित नहीं पुलिसकर्मी : अब मेरठ में सिपाही की गोली मारकर हत्या

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मेरठ। उत्तर प्रदेश के लोगों की सुरक्षा में लगी खुद असुरक्षित होने लगी है। शायद यही वजह है कि आये दिन पुलिसकर्मियों की हत्या की जा रही है। पिछले महीने बुलंदशहर में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह राठौर की हत्या, प्रतापगढ़ जिला में दिनदहाड़े जेल के प्रधान वार्डर हरिनारायण त्रिवेदी की गोली मारकर हत्या, गाजीपुर में हेड कांस्टेबल सुरेश प्रताप वत्स की हत्या के खौफनाक घटनाओं को लोग सही से भूल भी नहीं पाए थे कि मेरठ जिला में बेखौफ मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने पुलिस को चुनौती देते हुए दिनदहाड़े एक पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी।

हत्या की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। फायरिंग से मौके पर भगदड़ मच गई। इतने में बदमाश हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने लहूलुहान हालत में सिपाही को अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस ने मृतक के घरवालों को जैसे ही मौत की सूचना दो तो उनके घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने के लिए नाकाबंदी करके चेकिंग कराई लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिये बदमाशों की तलाश शुरू की है।

21 जनवरी को होने वाली थी शादी   
जानकारी के अनुसार, घटना मेरठ जिला के फलावदा थाना क्षेत्र की है। यहां शामली जिले के झिंझाना थाना क्षेत्र के मंगलौरा गांव निवासी अंकुर चौधरी (26) पुत्र राजकुमार चौधरी यूपी पुलिस 2015 बैच का सिपाही था। वर्तमान में उसकी तैनाती फलावदा की कस्बा पुलिस चौकी पर थी। देर रात अंकुर पुलिस चौकी परिसर में सो रहा था। शुक्रवार तड़के करीब पांच बजे वह अपने दोनों मोबाइल पुलिस चौकी में छोड़कर कहीं चला गया। दिन निकलने पर उसका शव मोजीपुरा गांव के बाहर धर्मवीर के ईख के खेत में पड़ा मिला। सिर में गोली लगी हुई थी। पास में ही तमंचा और कारतूस पड़ा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी अखिलेश कुमार और एसपी देहात राजेश कुमार ने घटनास्थल का मौका-मुआयना किया। एसपी राजेश कुमार ने बताया कि सिपाही अंकुर की 21 जनवरी को शादी होने वाली थी। क्राइम ऑफ सीन को देखकर ऐसा लग रहा है जैसे किसी तनाव में सिपाही ने खुदकुशी की है। फिलहाल पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट टीम सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
खुदकुशी करने डेढ़ किमी दूर नहीं जाता सिपाही
जहां पर सिपाही अंकुर का शव पड़ा मिला है, वहां से पुलिस चौकी की दूरी करीब डेढ़ किलोमीटर है। पुलिस अधिकारी कह रहे हैं कि मामला खुदकुशी जैसा प्रतीत हो रहा है। सवाल उठता है कि यदि अंकुर को खुदकुशी करनी थी तो वह कहीं भी कर सकता था। सिर्फ खुदकुशी करने के लिए सुबह पांच बजे उठकर डेढ़ किलोमीटर दूर खेत में न आता। कुछ और भी पहलू हैं जो हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं।
 
मोबाइल से खुलेगा मौत का राज
कांस्टेबल अंकुर वर्दी में तैनात थे। बताया गया कि वह गुरुवार रात में गश्त के लिए निकले थे। पुलिस ने सिपाही अंकुर के दोनों मोबाइल कब्जे में ले लिए हैं। उनकी व्हाट्स चैटिंग और कॉल रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। बताया जा रहा है कि चौकी से जाने से पहले अंकुर के मोबाइल पर कोई कॉल आई थी। ऐसे में पुलिस अंकुर के मोबाइलों से इस केस का खुलासा कर सकती है। पुलिस अफसर हत्या की आशंका जता रहे हैं, वहीं आत्महत्या पर भी जांच की जा रही है। एसपी देहात का कहना है कि चौकी से आठसौ मीटर दूर कोई आत्महत्या क्यों करेगा। हालांकि इस मामले में गहन जांच की जा रही है। 

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