नई दिल्ली : स्वास्थ्य मंत्रालय ने आगामी चार वर्षों में तैयार होने वाले 24 मेडिकल कॉलेजों की सूची जारी कर दी है। इस योजना को कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है। सबसे ज्यादा 8 मेडिकल कॉलेज उत्तर प्रदेश में खोले जाएंगे। वहीं, दूसरे नंबर पर बिहार और पश्चिम बंगाल को रखा गया है। इन दोनों राज्यों में पांच-पांच मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना है। इसके अतिरिक्त झारखंड में दो, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और सिक्किम में एक-एक कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक कॉलेजों के निर्माण के बाद देश के प्रत्येक तीसरे लोकसभा क्षेत्र में एक सरकारी मेडिकल कॉलेज का होना सुनिश्चित हो जाएगा।
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10 हजार यूजी और 8 हजार पीजी सीटों को बढ़़ाने का निर्णय
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि इस योजना के मुताबिक यूजी और पीजी की सीटें भी बढ़ाई जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि इस कदम से देश में डॉक्टरों की कमी काफी हद तक दूर होगी। यह सभी मेडिकल कॉलेजों को दूसरे चरण में स्थापित किया जाएगा। वहीं लक्ष्य के मुताबिक सभी कॉलेजों को वर्ष 2022 तक शुरू भी कर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि सरकार शीघ्र लोगों को मेडिकल कॉलेजों का लाभ दिलाने के लिए गंभीर है। जानकारी के मुताबिक देश में प्रत्येक वर्ष 52,715 छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई कर डॉक्टर बनते हैं। इनमें से लगभग 25 हजार छात्र पीजी में प्रवेश लेकर आगे की पढ़ाई पूरी करते हैं। सीटों को बढ़ाने का फैसला इन्हीं आंकड़ों का ध्यान रखते हुए किया गया है।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर नजर
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का कहना है कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने के लिए लंबे समय से सरकार कोशिश में जुटी है। आयुष्मान भारत इस दिशा में एक मजबूत कड़ी साबित होगी। मेडिकल कॉलेजों को स्थापित करने और सीटें बढ़ाए जाने के फैसले से ग्रामीण स्तर पर भी लोगों को लाभ मिलेगा।
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