युवाओं में जल संकट से निपटने की क्षमता: राजेंद्र सिंह

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लखनऊ। जलपुरुष के नाम से प्रसिद्ध मैग्सेसे अवार्ड विजेता राजेन्द्र सिंह ने कहा कि 21वीं सदी में जल संकट सबसे बड़ी समस्या है और इससे निपटने की क्षमता युवा पीढ़ी में है। उत्तर प्रदेश की राजधानी में बुधवार को डॉ. ए.पी.जे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) के 17वें दीक्षांत समारोह में डीलिट् की मानद उपाधि से नवाजे गए राजेंद्र सिंह ने कहा, “21वीं सदी में जल संकट सबसे बड़ी समस्या है। इससे निपटने की क्षमता युवा पीढ़ी में है। तकनीकी के दौर में इसे बचाने की जिम्मेदारी युवाओं पर ही है।”

उन्होंने कहा, “मुझे जानकर खुशी हुई कि यूनिवर्सिटी से संबंधित संस्थानों द्वारा ग्रामीण इलाकों को गोद लेकर विकास की पहल की जा रही है। यदि एक संस्थान अपने साथ एक गांव भी जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन करेगा, तो प्रदेश के 756 गांव बेहतर बन सकेंगे।”

सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश जब किसी बात की शुरुआत करता है, तो देश के लिए यह पहल होती है। उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालय से संबंधित सभी संस्थानों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग की दिशा में कार्य करना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके से जुड़े एकेटीयू संस्थानों को जल्दी ही जल संकट की दिशा में पहल करना चाहिए। सिंह ने कहा, “प्रदेश का नेतृत्व राज्यपाल (आनंदीबेन पटेल) के हाथों में है, उन्होंने अपने गुजरात में नदियों के प्रबंधन के क्षेत्र में बेहतर कार्य किया है वैसी ही शुरुआत अब उत्तर प्रदेश में होगी।”

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