यस बैंक के सभी एटीएम बंद नोएडा-गाजियाबाद में, अब केवल बैंक से ही निकाले जा रहे पैसे

यस बैंक के सभी एटीएम बंद नोएडा-गाजियाबाद में, अब केवल बैंक से ही निकाले जा रहे पैसे

नोएडा: वित्तीय संकट से जूझ रहे यस बैंक के ग्राहकों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जानकारी के मुताबिक, नोएडा-गाजियाबाद समेत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में यस बैंक के सभी एटीएम बंद कर दिए गए हैं। यहां तक दूसरे बैंकों के एटीएम पर भी ग्राहक पैसे नहीं निकाल पा रहे हैं। कंपनी की ओर बताया गया है कि ग्राहकों को अपने पैसे निकालने के लिए बैंक की शाखा पर ही संपर्क करना होगा। बैंक से ही अब वो पैसे निकाल सकते हैं।

यस बैंक के ग्राहकों की बढ़ी मुश्किलें
एनसीआर में यस बैंक के एटीएम बंद किए जाने को लेकर अधिकारियों ने बताया कि ऐसा तकनीकी वजहों से किया गया है। दरअसल, आरबीआई ने यस बैंक ग्राहकों के लिए निकासी की सीमा 50 हजार रुपये तय की है। हालांकि, यस बैंक के एटीएम में इससे संबंधित सॉफ्टवेयर नहीं लगाए गए हैं, जिसकी वजह से ग्राहक ज्यादा पैसे एटीएम से निकाल सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए बैंक की ओर से नोएडा-गाजियाबाद में एटीएम बंद करने का फैसला लिया है। अधिकारियों ने बताया है कि अब बैंक में जाकर पैसों की निकासी ग्राहक कर सकते हैं।

एटीएम बंद, बैंक से ही निकाले जा सकते हैं पैसे
बता दें भारतीय रिजर्व बैंक ने नकदी संकट से जूझ रहे निजी क्षेत्र के यस बैंक को लेकर गुरुवार को बड़ा फैसला लिया। बैंक के ग्राहकों के लिए 50,000 रुपये की निकासी सीमा तय की है। यह व्यवस्था 30 दिन के लिए की गई है। इस फैसले के बाद बैंक की विभिन्न शाखाओं में परेशान ग्राहकों की लाइन लग गई है। आरबीआई ने निकासी की सीमा तय करने के साथ ही बैंक के निदेशक मंडल को भंग करते हुए प्रशासक भी नियुक्त किया है।

यस बैंक को बचाने के लिए आगे आया SBI
संकटग्रस्त यस बैंक को बचाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक आगे आया है। एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक, यस बैंक के 49 फीसदी शेयर खरीद सकता है। इसके साथ 2450 करोड़ के निवेश का भी प्लान है। हमारी निवेश और कानूनी टीम सावधानी से इसे देख रही है। उन्होंने ये भी कहा कि फिलहाल खाताधारकों के पैसे को खतरा नहीं है। उन्होंने बताया कि कई संभावित निवेशकों ने मसौदा योजना को देखने के बाद एसबीआई का रुख किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि साझेदारों के हित के साथ कोई समझौता नहीं होगा।

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