लखनऊ। लखनऊ के नाका हिंडोला क्षेत्र में दो होटलों में आग लगी थी। इस घटना का लोग पूरी तरह से भुला भी नहीं पाए थे कि इसी इलाके में दिवाली की रात एक तीन स्टोरी बिल्डिंग में आग लग गई। इस बिल्डिंग में मोमबत्ती बनाने का कारखाना चलता था। जिस समय आग लगी उस समय बिल्डिंग में सैकड़ों मोमबत्तियां रखी थीं। लोग अपने घरों को रोशन करने के लिए मोबत्तियां जला रहे थे तो वहीं यह घर ही मोबत्तियों के जलकर खाक हो गया।
इतना ही नहीं इस बिल्डिंग के आस-पास घरों में रहने वाले लोग जहां दिवाली मानने की तैयारियां कर रहे थे वहीं आग लगते ही उन्हें मजबूरी में अपना घर छोड़ना पड़ा। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने बिल्डिंग के आस-पास बने पांच मकानों के लोगों से घर खाली करा लिया। पुलिस ने बताया कि अभी आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
तंग गलियों के बीच बनी इस बिल्डिंग में आग लगने का मामला तब सामने आया जब आग की लपटें ऊंची उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। दहशत के कारण लोग अपने घरों के बाहर निकल आए जो नहीं निकले उन्हें पुलिस ने सुरक्षा को देखते हुए बाहर निकला। इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग से उठा धुआं पास-पास इलाके में तेजी से फैल गया और लगभग 5,000 लोग इससे प्रभावित हुए।
लोगों ने बताया कि आग रात में लगभग दस बजे लगे और वह सुबह तक धधकती रही। लोगों में इतनी दहशत थी कि कई लोग सुबह तक अपने घरों के अंदर नहीं गए। यह फैक्ट्री सकरी गलियों में चल रही थी जिससे फायर ब्रिग्रेड की गाड़ियों को भी घटना स्थल तक पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ी। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री अवैध तरीके से आवासीय इलाके में संचालित हो रही थी।
कैसरबाग के सीओ अमित राय ने बताया कि यह मोमबत्ती का कारखाना राजेंद्र गोयल नाम के व्यक्ति की है। उन्होंने अपने ही तीन मंजिले घर में यह फैक्ट्री खोल रखी थी। यह बीते दस वर्षों से चल रही थी। सीएफओ विजय कुमार सिंह ने बताया कि संभवता आग शॉर्ट सर्किट से लगी होगी हालांकि अभी वास्तविक कारण साफ नहीं हैं।
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