रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन
अमेठी संसदीय क्षेत्र के कांग्रेस के ज्यादा तर ब्राह्मण नेता व कार्यकर्ता भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी व मोदी का नारा लगा रहे है कांग्रेस के ज्यादातर बड़े नेता इस चुनाव में मौन साध कर हाथ हाथ धरे बैठे है राहुल गांधी की नैया सपा बसपा के वोटरों व मुस्लिम वोटरों पर ही जीत निर्भर हो सकती है परन्तु चुनाव की तिथि नजदीक आने को है कांग्रेस पार्टी के बड़े जिम्मेदार लोग सपा बसपा कार्यकर्तों व नेताओं से मिलना गवारा नही समझ रहे है।जबकि स्मृति ईरानी अमेठी क्षेत्र के गांव में दौरा कर रातो दिन एक कर रही है।वही क्षेत्र के ब्राह्मणओ वोटरों पर अपना प्रभाव जमा लिया औऱ अब मुस्लिम वोटरों पर अपनी पैठ बनाने के लिए क्षेत्र के मुस्लिम नेता व मुस्लिम प्रधनो को अपने पछ में कर लिया है।
गत दिनों क्षेत्र के दर्जनों प्रधन स्मृति ईरानी से मिल कर भाजपा में आस्था व्यक्ति की थी।पूरी तरह से अपने पछ में कर मुस्लिम वोटरों में पैठ बना रही है।वही सोनिया गांधी के प्रतिनिधि किसोरी लाल शर्मा व संजय गांधी हॉस्पिटल के पूर्व प्रशासक मनोज मुटू ने पूरे अमेठी संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस को पूरी तरह से ब्राह्मण समाज के रूप में स्थापित कर दिया था जिसका खामियाजा आज राहुल गांधी को अपने ही घर में इन जातिवादी चपरासीओ के सोच के कारण भुगतना पड़ रहा है।राहुल गांधी व प्रियंका गांधी के इर्द गिर्द व इनके कार्यलय तक जाति वादी ब्राह्मण लोग ही काबिज़ है।प्रियंका राहुल को इन्ही जातियो पर ज्यादा विश्वास है ।जो चुनाव के समय वोट नही देते है।कांग्रेस के इस संकट के दौर में सपा बसपा व मुस्लिम वोटर ही इनकी नैया पर कर सकते है।
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