मुर्दा मिला जिन्दा, पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल, जानिए पूरा मामला

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बुलन्दशहरः उत्तर प्रदेश के बुलन्दशहर जिले में अजीबो-गरीबो मामला सामने आया है। जहां 10 साल बाद पुलिस ने एक मुर्दे को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। अाप ये सुनकर हैरान जरुर होंगे, लेकिन ये बिलकुल सच है। दरअसल, बुलन्दशहर पुलिस ने 10 साल बाद उस शख्स को गिरफ्तार किया है। जिसकी हत्या के आरोप में पुलिस अमित नाम के युवक को 2007 में जेल भेज चुकी थी।

जानकारी के मुताबिक कोतवाली देहात क्षेत्र के नैथला हसनपुर गांव निवासी दीपक 2007 में घर से गायब हुआ था। तभी उसके परिजनों ने कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई और फिर कुछ दिन के अंतर्गत तत्कालीन पुलिस ने एक अज्ञात शव बरामद किया। जिसकी शिनाख्त कराई गई तो परिजनों ने उसे दीपक का शव बताया। जिसके बाद दीपक के परिजनों ने हत्या का आरोप कथित तौर पर मृतक के मांसगढ़ी नांगलिया निवासी दोस्त अमित पर लगाया।

जिसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया। साथ ही पुलिस ने अमित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जिसके बाद दीपक की हत्या के आरोप में अमित 2 महीने 10 दिन जेल में बन्द रहा और फिर तत्कालीन पुलिस की तरफ से कोर्ट में हत्या के मज़बूत साक्ष्य पेश ना कर पाने की वजह से अमित को इलाहबाद हाइकोर्ट से जमानत मिल गई।

इस मामले में मोड़ उस वक्त आया जब अपने ही दोस्त की हत्या के आरोप में जेल काट चुके अमित को दीपक ज़िन्दा मिला। दीपक अब अपने खुद के घर में रह रहा था। अमित ने इस बात की जानकारी अपने परिजनों को बताई और परिजनों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस के भी दीपक को देखकर होश उड़ गए, क्योंकि जिस दीपक की हत्या का मुकदमा देहात कोतवाली में 2007 में दर्ज हुआ था वो दीपक जिन्दा था।

फिलहाल पुलिस ने दीपक को गिरफ्तार कर लिया है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि अगर तत्कालीन पुलिस इस प्रकरण की ठीक से जांच करती तो शायद घर से गायब हुए दीपक को उस वक्त ही बरामद किया जा सकता था और उसकी हत्या के आरोप में बेगुनाह अमित को भी सलाखों के पीछे नहीं रहना पड़ता।

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